

दरभंगा के डीएमसीएच परिसर में मेडिकल छात्रों और दुकानदारों के बीच भीषण और हिंसक झड़प के बाद कुछ लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश और कई वाहनों में आगजनी के बीच पथराव से कई पुलिसकर्मियों के जख्मी होने के बाद बिगड़े शहर के हालात के बीच जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी को ठप कर दिया है।
आपको पता होना चाहिए, दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का पूरा कार्य यही जूनियर डॉक्टर संभालते हैं। वरीय डॉक्टर नाममात्र के हैं। उनका ड्यूटी से कोई लेना देना नहीं रहता। महज खानापूरी के बीच जूनियर डॉक्टर ही मरीजों की देखरेख और इलाज करते हैं। ऐसे में, इन डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
देर रात तीन बजे से ही जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी में इलाज ठप कर दिया है। इससे डीएमसीएच में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीज बेहाल हैं। कोई निजी अस्पताल जा रहा है कोई घर लौट रहा है।
वहीं, घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सुबह से ही घटनास्थल पर जुटे हुए हैं। लोगों के जमावड़े और आक्रोश को देखते हुए जूनियर डॉक्टर भय से अस्पताल नहीं आ रहे हैं।
आईएमए के जिला सचिव डॉ. आमोद कुमार झा ने विज्ञप्ति जारी कर इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए सरकार से घटना की त्वरित जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, दरभंगा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने इस घटना के खिलाफ सभी दवा दुकानों को बंद रखने का आह्वान किया है।
घटना के विरोध में उन्होंने दरभंगा-लहेरियासराय रोड को नाका नंबर छह के पास जाम कर दिया। सड़क पर बांस-बल्ला लगाकर वे धरने पर बैठ गए। वे दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
उधर, घटना की जांच के लिए सदर एसडीओ स्पर्श गुप्ता और एसडीपीओ कृष्ण नंदन कुमार मौके पर पहुंच गए हैं। वे स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। बता दें कि शुक्रवार की डर रात डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों और एक दवा दुकान के मालिक के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।
इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने तीन दुकानों में आग लगा दी। इसमें एक मोटर ट्रेनिंग स्कूल की दो कार भी जलकर राख हो गयी। आग बुझाने के दौरान कार में लगे गैस सिलिंडर के फटने से फायर ब्रिगेड के दो कर्मी घायल हो गए। इनमें से एक कर्मी गंभीर है। उसका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
उधर, पीड़ित दुकानदार का कहना है कि जूनियर डॉक्टर शराब के नशे में थे। दवा दुकान में ही जेनरल स्टोर संचालित है। उन्होंने दुकानदार से मैगी मांगी। देने में विलंब होने पर विवाद शुरू हुआ। फिलहाल डीएमसीएच परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वरीय अधिकारी घटना की जानकारी ले रहे हैं।


