

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार ने विधानसभा में यह घोषणा की, कि अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए राज्य सरकार यूपी की योगी सरकार की तर्ज पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार जमीन से जुड़े विवाद प्रमुखता के साथ निबटाने वाली है। साथ ही सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुलडोजर पर होने वाले खर्च के मद में जिलों को 10-10 लाख रुपये की राशि भी दी जा रही है। सदन ने ध्वनिमत से विभाग का बजट पारित भी किया जा चुका है। बजट की बात करें तो यह 1 हजार 3 सौ 32 करोड़ रुपये से अधिक का है।
भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी
मंत्री राम सूरत कुमार ने कहा कि इस अभियान के तहत गैर-मजरूआ आम और खास, खासमहाल, कैसरे हिंद और विभिन्न सरकारी विभागों की जमीनें अवैध कब्जे से मुक्त कराई जाएंगी। उनका कहना है कि पटना हाईकोर्ट के आदेश पर जल निकायों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। भ्रष्ट अधिकारियो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार जमीन से जुड़े विवादों को प्राथमिकता के स्तर पर निबटा रही है। आनलाइन से जुड़ी सेवाओं को आनलाइन किया गया है। इसके सार्थक नतीजे आ रहे हैं। सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुलडोजर पर होने वाले खर्च के मद में जिलों को 10-10 लाख रुपये की राशि दी जा रही है। सदन ने ध्वनिमत से विभाग का बजट पारित कर दिया। यह एक हजार तीन सौ 32 करोड़ रुपये से अधिक का है।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत गैर-मजरूआ आम और खास, खासमहाल, कैसरे हिंद और विभिन्न सरकारी विभागों की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। पटना हाई कोर्ट के आदेश के मद्देनजर जल निकायों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुस्त और भ्रष्ट सेवकों के खिलाफ आनुशासनिक कार्रवाई भी हो रही है। इस साल एक अप्रैल से अपने आप आनलाइन दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत जमीन की खरीद के साथ अपने आप उसका दाखिल-खारिज हो जा रहा है। अभी यह लाभ उन्हीं को मिल रहा है, जिनके नाम से जमाबंदी कायम है।
कार्रवाई की मांग
बिहार विधानसभा में सीपीआईएम के विधायक अजय कुमार ने खड़िया जिले का एक मामला उठाया था। उन्होंने बताया था कि 5 डिसमिल जमीन दलितों को दी गई थी। उस पर कुछ असमाजिक तत्त्वों ने स्थानीय थाना से मिलीभगत कर पक्का मकान बनवा लिया है। जिसके बाद अजय कुमार ने इस मुद्दे पर सरकारी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए विधानसभा के अन्य विधायकों ने भी इस पर कार्रवाई की मांग भी की है। विधानसभा में हंगामा होता देख बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय बार-बार कार्रवाई का आश्वासन दे रहे थे जिसके बाद उन्होंने योगी सरकार की निति को अपनाने का फैसला किया।
विधायक ठोस कार्रवाई चाहते थे
हालांकि विधायक इस मामले पर ठोस कार्रवाई चाहते थे, सिर्फ आश्वासन नहीं। बार-बार विधायकों के द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद मंत्री रामसूरत राय ने भी न आव देखा न ताव और नाराजगी भरे लहजे में ऐलान कर दिया था कि जिन लोगों ने भी अवैध निर्माण कराया है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। कब्जा करने के बाद भले ही 10 मंजिला इमारत क्यों न खड़ी कर ली हो, उस पर बुलडोजर चला दिया जाएगा और सक्त करवाई भी की जाएगी।


