
मोतिहारी के हरसिद्धि के आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या और पुत्र रोहित की खुदकुशी के बाद पूरे मामले की जांच सीआईडी करेगी।
यह फैसला एसएसपी डॉ.कुमार आशीष ने लिया है। जिनसे मिलने और नहीं मिलने के बीच बेटा रोहित ने शुक्रवार को खुद के शरीर में केरोसिन छिड़क कर आग लगाने के बाद तीसरी मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। अब उसके दादा विजय अग्रवाल के बयान के बाद प्रशासन ने यह फैसला किया है। पढ़िए पूरी खबर
इसके बाद देर शाम एसपी डा.कुमार आशीष ने पत्रकारो को बताया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से मर्माहत हूं ।उन्होंने कहा कि गुरुवार को मैं लगभग 80 फरियादी से मिलकर उनकी शिकायत को सुना। इसके बाद जिला जज के बुलावे पर लगभग पांच बजे विक्टिम कंपनसेशन के एक मीटिंग मे चला गया। जाने के पूर्व शेष बचे फरियादियो के शिकायत सुनने के लिए प्रशिक्षु डीएसपी को निर्देशित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज मे स्पष्ट दिख रहा है कि लगभग 5:27 बजे विपिन के पुत्र रोहित आया और जब उसे पता चला कि एसपी फरियाद नही सुन रहे तो वो गुस्सा होकर चला गया। उन्होंने पुलिस द्धारा बयान बदलने के दबाब के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नही है।
पुलिस विपिन अग्रवाल हत्या मामले पर अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। 11 लोगो पर जांच चल रही है। इतना ही नही मामले के अनुसंधानकर्ता को बदल दिया गया है।
उन्होंन कहा कि मामले मे फरार चल रहे अपराधियो को पकडने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बताया रोहित की मां ने जो आवेदन दिया है। उसमे लिखा है कि रोहित की मौत पैर फिसल कर गिरने से हुई है।
एसपी डा.कुमार आशीष ने कहा कि पुलिस लगातार इस मामले मे कारवाई कर रही है। फिर भी अगर परिजन संतुष्ट नही है तो इस मामले की जांच सीआईडी से कराने की अनुशंसा की जा रही है।







