



केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में बिहार की राजधानी पटना को देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर की सूची में पहले पायदान में रखा गया है। देश के 129 शहरों में पटना सबसे अधिक प्रदूषित शहर है जिसका एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 365 पाया गया है, जबकि मुंगेर जिला 358 एक्यूआई के साथ प्रदूषण के मामले में दूसरे नंबर पर है।
पछुआ के तेज प्रभाव ने बिहार की हवा को प्रदूषित कर रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी पटना की हवा सबसे खराब श्रेणी में रही है वहीं मुंगेर जिला दूसरे नंबर पर रहा।
पटना में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण सड़कों पर धूलकण और नाला उड़ाही के बाद निकलने वाली गाद है जिसे सड़क के किनारे छोड़ दिया गया है। जब हवा तेज चलती है तो यही गंदगी वायु में फैल जाती है। इसके कारण वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर के करीब पहुंच गई है।
राज्य के सबसे प्रदूषित शहरः पटना में 364 एक्यूआई, मुंगेर में 358, मुजफ्फरपुर में 332, बिहार शरीफ में 309, हाजीपुर में 290, समस्तीपुर में 275, दरभंगा में 272, भागलपुर में 272, सहरसा में 262 और छपरा में 255 एक्यूआई है।
129 शहरों में पटना सबसे अधिक प्रदूषित
देश के 129 शहरों में पटना सबसे अधिक प्रदूषित रहा। पटना का सूचकांक जहां 365 पाया गया तो वहीं दूसरे स्थान पर मुंगेर का सूचकांक 358 रहा और तीसरे स्थान पर 342 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ सिंगरौली रहा। बिहार के अन्य शहरों में मुजफ्फरपुर का 332, बिहारशरीफ का 309 और हाजीपुर का सूचकांक 290 रहा।
गांधी मैदान सबसे अधिक प्रदूषित
पटना में छह प्रमुख स्थलों में गांधी मैदान क्षेत्र का सूचकांक 500 हो गया जो की सबसे अधिक है, अन्य क्षेत्रों में राजधानी वाटिका का 431, पटना सिटी का 358, एयरपोर्ट का सूचकांक 243 है। इन सभी क्षेत्रों में PM 10 और PM 2.5 यानी मोटे और महीन धूलकण की मात्रा मानक से चार गुना ज्यादा पायी गयी है। रविवार को दिनभर तेज गर्मी के साथ-साथ तेज हवाएं भी चलीं जिसके कारण शहर की हवा में धूलकण फैल चुका है। लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है।




