
बिहार के गया जिले में वहां के डीपीआरओ (DPRO) यानी जिला पंचायती राज अधिकारी अश्लीलता में आकंठ डूबे हैं। इन पर युवती ने यौन उत्पीड़न का आरोप जड़ा है साथ ही इनकी गंदी बातों की जिक्र पत्र लिखकर सीएम नीतीश कुमार से कर दी है।
बताया जाता है कि कार्यालय में ही काम करने वाली एक युवती से DPRO ने यौन उत्पीड़न किया है। पीड़िता का आरोप है कि काले शीशे वाले चैंबर में लैपटॉप के बहाने बुलाकर DPRO गंदी हरकत करता है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी चिट्ठी लिखी है और न्याय की मांग की है। मामला सामने के बाद डीएम डॉ.त्याग राजन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। पढ़िए पूरी खबर
पीड़िता के मुताबिक DPRO राजीव ने अपने काले शीशे वाले चैंबर में लैपटॉप का बहाना बना कर अंदर बुलाया. इसके बाद उन्होंने डांटना शुरू कर दिया. मेरी आंखों से आंसू आ गए. उस समय उनका ड्राइवर भी मौजूद था. उन्होंने ड्राइवर को पानी लाने के बहाने बाहर भेज दिया।
इसके बाद DPRO ने मेरे पास आकर मुझे पकड़ लिया। और गंदी हरकतें करने लगे। जब मैंने वहां से भागने की कोशिश की तो उन्होंने पीछे से पकड़ लिया। फिर उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि ये बातें किसी के सामने बताई तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। तुम्हें इतनी दूर भेज देंगे कि तुम कल्पना भी नहीं कर सकती हो। पढ़िए पूरी खबर
डीएम ने डीडीसी के नेतृत्व में गठित की जांच कमेटी
गया के जिला पंचायती पदाधिकारी राजीव कुमार पर अपने चैंबर में बुलाकर अश्लील हरकतें करने और धमकी देने का आरोप है। पीड़ित युवती का दावा है कि वो उसी कार्यालय में काम करती है। दूसरी ओर, जिला पंचायत पदाधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि जिस युवती के नाम से शिकायत दर्ज कराई गई है।वो उनके कार्यालय में काम नहीं करती है। साथ ही उसे वो नहीं जानते हैं।
जिलाधिकारी त्यागराजन एस एम ने युवती की शिकायत पर उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जांच समिति को दो दिनों के अंदर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया है। जांच समिति में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी और श्रम अधीक्षक शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, युवती ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर अपने साथ घटित घटना की जानकारी दी है। उसने जिला पंचायती पदाधिकारी राजीव कुमार के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। युवती के द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखे जाने के बाद जिला पदाधिकारी त्यागराजन एस एम ने जांच समिति का गठन किया है।इस संबध में जिलाधिकारी त्यागराजन एस एम के आदेश पर समाहरणालय, गया के पत्रांक 2478/गोपनीय दिनांक 27/04/2022 को जांच समिति गठित करने का आदेश निर्गत किया गया है।




