

बिहार विधान परिषद की सात सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए राजनीति दलों की तैयारियों के बीच गुरुवार से नामांकन शुरू हो गया। नामांकन की प्रक्रिया नौ जून तक चलेगी। वहीं, बिहार में राज्यसभा चुनाव के बाद विधान परिषद चुनाव के लिए सभी राजनीति दलों में तैयारियां तेज हो गयी है।
एनडीए में भाजपा और जदयू के बीच सीट को लेकर अभी स्पष्ट निर्णय हो भी नहीं पाया कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी एनडीए में एक सीट का दावा ठोक दिया है। इधर, कांग्रेस और वामपंथी लाल हैं। पढ़िए पूरी खबर
एनडीए गठबंधन ने अभी तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है। इसे लेकर सभी ने निगाहे अब एनडीए गठबंधन पर ही टिकी हुई हैं। हालांकि, विधान परिषद की 7 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजद ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है। राजद ने तीन उम्मीदवार मुन्नी देवी, मो. कारी सोहेब और अशोक कुमार पांडेय की घोषणा कर दी है। इसे लेकर कांग्रेस और वामपंथी दलों में नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच 10 जून को होगी। उम्मीदवार अपना नाम 13 जून तक वापस ले सकेंगे। सातों सीटों के लिए मतदान 20 जून को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक होगा। मतों की गणना 20 जून को ही शाम पांच बजे से होगी।
वहीं, विधान परिषद की एक सीट को लेकर जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी से भी हुई है। मांझी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वह जदयू के साथ ही एनडीए गठबंधन में शामिल हुए थे। इसलिए जेडीयू की जिम्मेदारी बनती है कि विधान परिषद की एक सीटों स्थानीय मोर्चा को दिलवाए।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधान परिषद की सात सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से तीन सीटें राजद और वाम एलायंस के पास जानी हैं। चार सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों को सदन में चुनकर जाना है। एनडीए के चार में से तीन सीटों पर भाजपा पहले ही तीन सीटों पर उम्मीदवारी करने का ऐलान कर चुकी है। ऐसे में जीतन राम मांझी का एक सीट के लिए दावा करना भाजपा और जदयू की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।




