

दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। बिहार के पहले महिला जिम की स्थापना से दरभंगा शहर सुर्खियों में है। शहर की महिलाएं अब पर्दा, सुरक्षायुक्त व्यायामशाला में जा सकेंगी। 14वें वित्त आयोग की राशि से वार्ड नंबर 21 स्थित हरिबोल तालाब सह पार्क के परिसर में महिलाओं के व्यायाम के लिए जिम संयत्र की स्थापना की जा रही है।
14 वें वित्त आयोग की राशि से ₹8,96000 रु के व्यय से 10 व्यायाम संयत्र का अधिष्ठापन का कार्य किया जा रहा है, जिसमें विशेषकर पर्दा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।
इसका विधिवत शिलान्यास वर्तमान बोर्ड कार्यकाल के आखिरी दिन 9 जून को पार्षद मधुबाला सिन्हा ने किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त कुमार गौरव भी उपस्थित थे। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो 21 जून को योग दिवस पर महिलाओं के लिए यह प्रारंभ हो जाएगा।
सरकारी स्तर पर दरभंगा में यह पहला व्यामशाला का अधिष्ठापन किया गया है। जहां तक बिहार की बात है, महिलाओं के लिए यह पहला सरकारी व्यायामशाला है। दरभंगा शहर के खूबसूरत हरिबोल तालाब के पश्चिमी और दक्षिणी कोने में घेराबंदी कर पर्दा युक्त महिलाओं के लिए यह जिम बनाया जा रहा है। इसके रखरखाव और संचालन के लिए 11 सदस्य महिला समिति का भी गठन किया गया है।
वार्ड नंबर 21 की पार्षद पदेन सदस्य होंगी। नगर निगम इसका संचालन करेगा। वर्तमान में इसमें कोई शुल्क नहीं रखा गया है। समय-समय पर महिला पुलिस इसका निरीक्षण करती रहेंगी। इस संदर्भ में पार्षद मधुबाला सिन्हा ने एसएसपी को भी इसकी सूचना दी है।
इस महिला व्यायामशाला की नींव रख वार्ड नंबर 21 की पार्षद ने अपनी दूरदर्शिता और महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा के प्रति सम्मान, सोच का परिचय दे अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आगे इस तरह की सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित किया है।
14वें वित्त आयोग की राशि से 2019 में सैकड़ो लोगों के साथ शिरडी साईं यात्रा के दौरान वहां स्थापित इस व्यायाम शाला को देख महिला सह यात्रियों की मांग पर पार्षद ने इस योजना को स्वीकृत करवाया था। कोरोना के कारण यह कार्य लंबित था, जिसका गुरुवार को कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
नागपुर से सभी जिम संयत्र पहुंच भी गया। इसके अधिष्ठापन का कार्य चल रहा है। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। इसकी घेराबंदी का कार्य चल रहा है। महिलाओं के लिए जो अभी व्यायाम संयत्र स्थापित किया गया है, उसमें लेग प्रेस, एयर वाकर, स्काईवाकर,रोवर, चेस्ट प्रेस कम सीटेड पुलर, सीटेड पुलर, सोल्डर बिल्डर, सर्फ बोर्ड, सीटेट ट्विस्टर ट्रिपल और सीट अप बोर्ड का अधिष्ठापन किया गया है। इसमें एक साथ डेढ़ दर्जन महिलाएं व्यायाम कर सकेंगी।
दरभंगा का वार्ड 21 पिछले डेढ़ दशक से अलग सोच, विकासात्मक योजनाओं के लिए सुर्खियों में रहा है। पिछले 3 चुनाव में लगातार दरभंगा में सबसे ज्यादा वोट से चुनाव जीतने वाली महिला पार्षद मधुबाला सिन्हा न महापौर बन सकी, न उप महापौर चुनाव में विश्वास प्राप्त कर पाई, न ही किन्हीं महापौर ने इन्हें स्थायी समिति का सदस्य बनाया। बावजूद इन्होंने वार्ड 21 में सोलर लाइट, सीसीटीवी कैमरा, सुलभ जल परियोजना, एक दर्जन सबमरसेबल से वैकल्पिक पानी सप्लाई की व्यवस्था, शहर का पहला कचरा पीट की व्यवस्था इत्यादि कर विकास के अलग तरीके को दर्शाया।
वार्ड 21, दरभंगा में गरीबों के लिए 156 राजीव आवास योजना से मकान बनवा बिहार में किसी शहर के वार्ड में सबसे ज्यादा सरकारी मकान बनवाने का रिकॉर्ड भी बना। अपने कार्यकाल के दौरान गिफ्ट घोटाला, अवैध नियुक्ति घोटाला , डीजल घोटाला का पर्दाफाश भी किया। डस्टबिन घोटाला में पटना तक लड़ाई लड़कर निगम का 20 लाख रु भी बचाया, जिसमे तत्कालीन महापौर एवं नगर आयुक्त को ढाई लाख रु जमानत राशि जमाकर न्यायालय से जमानत भी लेनी पड़ी। महापौर का पद भी गंवाना पड़ा।
इधर 27 लाख रु के चर्चित शौचालय बंदोबस्ती घोटाला साबित कर मधुबाला सिन्हा ने सरकार को महापौर, उप महापौर सहित 9 स्थायी समिति सदस्यों को पद से बर्खास्त करने हेतु मजबूर कर दिया।, जो देश में जनप्रतिनिधियों पर सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में आया।
कोरोना काल में अपने पति नवीन सिन्हा और कबीर सेवा संस्थान के सदस्यों के साथ मिलकर इस महिला पार्षद की भोजन से लेकर अंत्येष्टि की व्यवस्था से इनकी सेवा भावना को राष्ट्रीय ही नही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली, जिस कारण अमेरिकी संस्थान ने दरभंगा को शव संयत्र दिया, जिसका अधिष्ठापन दरभंगा में किया गया है।
पिछले माह शहर के होल्डिंग टैक्स में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी को कानूनी और संवैधानिक लड़ाई लड़कर निगम को इसकी वापसी के लिए मजबूर कर दिया, वहीं अभी निगम द्वारा पिछले 3 वर्ष के कचड़ा उठाव शुल्क वापसी की लड़ाई लड़ रही है, जिसमे भी जीत सुनिश्चित दिखाई दे रही है। हालांकि निगम सरकार का गजट, अधिसूचना दिखा इसकी वसूली के लिए अड़ा हुआ है।
अपनी सोच और सरकारी योजनाओं को धरातल पर नियमतः उतारने वाली महिला पार्षद मधुबाला सिन्हा की ओर से महिलाओं के लिए पर्दा, सुरक्षा युक्त जिम आने वाले दिनों में मिल का पत्थर साबित हो और सूबे में जगह जगह से इसकी मांग उठने लगे तो आश्चर्य नही होगा।




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