

कुशेश्वरस्थान पूर्वी, देशज टाइम्स वरीय संवाददाता। एक सप्ताह के भीतर प्रखंड मुख्यालय को धबोलिया के सरकारी भवन में शिफ्ट हो जाएगा। इसका आदेश डीएम राजीव रौशन ने दिया है। डीएम श्री रौशन ने प्रखंड और अंचल कार्यालय को धबोलिया में शिफ्ट करने का आदेश बीडीओ और सीओ को दिया है। पढ़िए प्रशांत कुमार की यह रिपोर्ट
डीएम श्री रौशन ने अपने पत्रांक 2423 /सी, दिनांक 16.6.22 में उल्लेख किया है कि लोगों की मांग पर दिसंबर 2021 में तत्कालीन डीएम डॉ.त्यागराजन एसएम ने पूर्वी प्रखंड व अंचल कार्यालय को धोबलिया शिफ्ट करने का निर्देश दिया था।
इसका अनुपालन अब तक नहीं किया गया है। इधर 15 जून 2022 को कमला बलान करेह फुहिया से सलहा तटबंध के निरीक्षण के दौरान क्षेत्र भ्रमण कर लौटने के क्रम में दर्जनों प्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोग एवं ग्रामीणों ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय धवोलिया के चौक पर स्थानीय ग्रामीणों एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की ओर से जिलाधिकारी डॉ.एसएम को रोककर अपनी क्षेत्रीय समस्या को सुनाने के साथ-साथ प्रखंड कार्यालय कुशेश्वरस्थान बाजार से धबोलिया शिफ्ट करने का अनुरोध किया था।
अब इस आलोक में डीएम श्री रौशन ने सभी अधिकारी एवं कर्मचारी को एक सप्ताह में कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड मुख्यालय का कार्यालय धोबोलिया शिफ्ट करने का निर्देश दिया है।
साथ ही उन्होंने यह भी आदेशित किया कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय शिफ्ट होने के उपरांत अधोहस्ताक्षरी को सूचना उपलब्ध कराया जाए।
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ग्रामीण विकास विभाग के अधिसूचना संख्या 6662 दिनांक 12, अगस्त 1994 को कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड को नवसृजित प्रखंड के दर्जा दिया गया। वर्ष 2004 में नवसृजित प्रखंड भवन निर्माण का स्थल धबोलिया गजट में पारित हुआ था।
सूत्रों के अनुसार, गजट में प्रिंटिंग मिस्टेक के कारण धवोलिया के स्थान पर भगोलिया प्रिंट हो गया। जिस कारण प्रखंड मुख्यालय कुशेश्वरस्थान से धबोलिया जाने में कुछ राजनीतिक उलझनें भी पैदा हुईं। पुनः, सारी त्रुटियों को हटाने के बाद नव सृजित प्रखंड कार्यालय कुशेश्वरस्थान पूर्वी का भवन निर्माण के लिए धबोलिया में भूमि अधिग्रहण किया गया। विदित हो धबोलिया में प्रखंड मुख्यालय घोषित होने के उपरांत वहां ई-किसान भवन,अंचल के अभिलेखागार एवं शिक्षा विभाग के बीआरसी भवन का निर्माण भी हो गया।
जानकारी के अनुसार, कुशेश्वरस्थान प्रखंड मुख्यालय के लिए अभी तक भवन का निर्माण नहीं हो सका है। बताया जाता है कि कृषकों की निजी जमीन का अधिग्रहण कर उनके मुआवजे की भुगतान में सरकारी उदासीनता के कारण प्रखंड कार्यालय का नवनिर्मित भवन बनने में अर्चन आ रही है।
प्रखंड कार्यालय निर्माण के लिए भूमि की माफी की गई लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। अगर अभी ई-कृषि भवन में प्रखंड मुख्यालय को शिफ्ट किया जाता है तो कार्यालय चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पर सकता है।

