back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 12, 2026
spot_img

दरभंगा-बेनीपुर के निजी नर्सिंग होम में लूटने की पूरी व्यवस्था है…आइए अगर आप भी हैं जिंदा मरीज तो यहां के चक्कर में हलाल हो जाइए

spot_img
- Advertisement - Advertisement

बेनीपुर, देशज टाइम्स ब्यूरो। सरकारी लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण अनुमंडल क्षेत्र में निजी नर्सिंग होम की बाढ़ सी आ गई है। जहां तथाकथित चिकित्सकों के नाम पर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब अनपढ़ मरीजों को लूटने का सिलसिला जारी है। सरकारी स्तर पर इसे रोकने का प्रयास महज छलावा साबित हो रहा है। पढ़िए सतीश चंद्र झा की रिपोर्ट

- Advertisement -

जानकारी के अनुसार, दर्जनों बार स्थानीय लोगों के शिकायत पर निजी नर्सिंग होम की जांच के लिए समय निर्धारित होती है, लेकिन समय पूर्व इसकी सूचना लीक हो जाने के कारण एक या दो नर्सिंग होम की जांच बमुश्किल हो पाती है। शेष अगले दिन से पुनः उक्त निजी नर्सिंग होम आम लोगों को लूटने में मशगूल हो जाते हैं।

- Advertisement -

ऐसे नर्सिंग होम जिसके पास न तो कोई अनुभवी चिकित्सक है ना ही नर्सिंग होम अधिनियम का मानक पूरा करती है। इस मामले को लेकर 2 माह पूर्व स्थानीय समाजसेवी आशीष रंजन दास उर्फ बीपी सिंह ने जिले के  सिविल सर्जन को आवेदन देकर स्थानीय संचालित नर्सिंग होम की जांच कराने की मांग की थी।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: निर्माणधीन नाली में गिरी छात्रा, इलाके में आक्रोश

साथ ही, सूचना के अधिकार के तहत निबंधित नर्सिंग होम की सूची भी मांग की गई थी। जिला सिविल सर्जन के द्वारा उक्त आलोक में अपने पत्र के माध्यम से मात्र दो निजी नर्सिंग होम निबंधित होने की बात बताई गई थी। इसकी विस्तृत जांच की जिम्मेवारी बहेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अर्चना स्नेही को दी गई थी।

इस दौरान अर्चना स्नेही में 6 अप्रैल को अपने जांच प्रतिवेदन में मीरा हॉस्पिटल आशापुर, जय बजरंग हॉस्पिटल ,जय साई हॉस्पिटल, बीआर मेमोरियल हॉस्पिटल सहित कई अन्य निजी नर्सिंग होम के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन भेजते हुए कहा था कि ऐसे-ऐसे नर्सिंग होम संचालित जहां बिना चिकित्सक के ही सिजेरियन ऑपरेशन की जाती है।

ग्रामीण जनता को लूटी जा रही है। लेकिन वह प्रतिवेदन भी सिविल सर्जन कार्यालय में कहीं फाइलों में दबकर धूल फांक रही है। फलत: पुनः बेनीपुर अनुमंडल की गरीब जनता यहां शोषण के शिकार हो रही है। इसमें सरकारी अस्पताल की लचर व्यवस्था ही जिम्मेदार मानी जा रही है।

जहां मरीज दलालों के चक्कर में फंसकर इन निजी नर्सिंग होम में हलाल होने को पहुंचते हैं। इस संबंध में दरभंगा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

DTC में Senior Manager के 61 पदों पर Sarkari Naukri का सुनहरा अवसर, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

Sarkari Naukri: दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने सीनियर मैनेजर के पदों पर भर्ती के...

विजया एकादशी 2026: भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का दिव्य मार्ग

Vijaya Ekadashi: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी का पावन पर्व...

रॉयल एनफील्ड: अब हर साल 20 लाख बुलेट बनाएगी कंपनी, क्या घटने वाला है वेटिंग पीरियड?

Royal Enfield: क्या आप अपनी पसंदीदा रॉयल एनफील्ड बाइक घर लाने का इंतजार कर...

राजपाल यादव का दर्द: चेक बाउंस मामले पर छलका दिग्गज एक्टर का दर्द, बोले- ‘कोर्ट ना होता तो फांसी लगवा देते’

Rajpal Yadav News: राजपाल यादव का दर्द: चेक बाउंस मामले पर छलका दिग्गज एक्टर का...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें