

जाले, देशज टाइम्स ब्यूरो। प्रखंड क्षेत्र के बिहारी गांव में कथित रूप से फलेरिया की दवा खाने से एक बच्ची की मौत के मामले की जांच को राज्य स्वाथ्य निर्देशक प्रमुख जाले पहुंचे।
उन्होंने पहुंचते ही रेफरल अस्पताल के चिकित्सीय स्वाथ्य व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, अस्पताल के चिकित्सकों समेत रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विवेकानंद झा से उनके कार्यालय में पूछताछ की।
अस्पताल से निकलकर स्वाथ्य निदेशक प्रमुख का काफिला बिहारी गांव पहुंच मृतक बच्ची के पिता सुरेश साह से इस मामले में पूछताछ एवं तहकीकात की। इस मामले में निदेशक प्रमुख ने रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विवेकानंद झा, बीएचएम कुमुद रंजन कुमार बिहारी की आशा कार्यकर्ता बबीता कुमारी एवम आंगनवाड़ी सेविका बेबी कुमारी से भी विशेष जानकारी लिया।
इस मामले में आशा एवम आंगनवाड़ी सेविका ने बताई की दवा वितरण के दौरान वह सुरेश साह के परिवार का नाम अपने रजिस्टर में दर्ज कर फलेरिया की दवा खाने को कही तो, परिवार के लोगो ने सरकारी दबा खाने से इंकार कर दिया,वह वहा से दूसरे के घर उस मौहल्ला में दवा खिलाने चली गई,सुरेश साह का परिवार दूसरे के घर जहां वह दवा खिला रही थी वहां पहुंचकर, कहने लगी की हमारा नाम आपने रजिस्टर में लिखा लिया है,हमारे हिस्से की दवाई हमे दे दे। लड़ाई झगड़ा के डर से उसने दवा उसे दे दिया।
वहीं, सुरेश साह की पत्नी ने बताई की परिवार के सभी 6 लोगो ने भोजन कर रात्रि 8 बजे दवा खाकर सो गए। रात डेढ़ बजे उनकी 5 वर्षीय पुत्री राखी कुमारी की तबीयत अचानक खराब हो गया। बच्ची की तबीयत बिगड़ी तब उसे गांव के एक डॉक्टर से इलाज कराया, जहां तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर बच्ची को दरभंगा के डॉ. रवि प्रकाश की क्लीनिक में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद सुधार नहीं होते देख उसे डीएमसीएच में रेफर कर दिया जहां इलाज के दौरान राखी कुमारी की मौत हो गई।
बिहारी गांव से निर्देशक प्रमुख स्वाथ्य उप निर्देशक स्वाथ्य सिविल सर्जन अनिल कुमार के साथ स्वास्थ्य महकमा के आला अधिकारी दरभंगा डीएमसीएच विशेष जांच के लिए जाने की बात बताई है।
- Advertisement -



