
दरभंगा से इस वक्त की बड़ी खबर हवाई सेवा से जुड़ी हुई आ रही है। दरभंगा एयरपोर्ट से दरभंगा-दिल्ली के बीच 27 व 28 जुलाई को एक भी फ्लाइट नहीं है। इस तिथि में यहां से जाने व दिल्ली से यहां आने वाले लोगों को पटना से बुकिंग करनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर बिहार की आठ करोड़ की आबादी के लिए बीते दो साल से संचालित एकमात्र यह दरभंगा का हवाई सेवा सरकार के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रहा था लेकिन इन दिनों इसकी दुर्दशा हो रही है। यात्री यात्रा करने से इनकार कर रहे हैं। इसकी वजह अधिक भाड़ा बताया जा रहा है। मगर ताजा मामला एकदम हैरान करने वाला है। क्योंकि दो दिनों तक पूरा हवाई सेवा ठप होने से एकदम विरानी छा गई है।
जानकारी के अनुसार,दरभंगा-दिल्ली के बीच 27 व 28 जुलाई को एक भी फ्लाइट नहीं है। इस तिथि में यहां से जाने व दिल्ली से यहां आने वाले लोगों को पटना से बुकिंग करनी पड़ रही है। दरभंगा से दिल्ली रूट पर सर्वाधिक यात्री आवागमन करते हैं। इस कारण इस रूट पर दो विमान सेवा का संचालन किया जाता है।
लगातार दो दिनों तक सेवा ठप रहने को लेकर सोशल मीडिया पर लोग आपत्ति व्यक्त कर रहे हैं। ट्विटर हैंडल आदि के माध्यम से लोगों का कहना है कि दरभंगा से दिल्ली जाने के लिए अधिक पैसेंजर होने के बावजूद लगातार दो दिन फ्लाइट का नहीं होना परेशानी का सबब बन गया है। संबंधित अधिकारियों को एयरलाइन से सवाल जवाब करना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी से निजात मिल सके।
लगातार दो दिन उड़ान सेवा नहीं होने से संबंधित लोग परेशान हैं। खासकर बीमार एवं बुजुर्ग यात्रियों को दिल्ली जाने व वहां से आने के लिए पटना एयरपोर्ट का सहारा लेना होगा। वहां से दिल्ली की फ्लाइट मिलेगी। दरभंगा-दिल्ली रूट में दो दिनों तक सेवा बंद रहने का कारण विमानन कंपनी की ओर से नहीं बताया गया है।
लगातार यहां से हवाई यात्रा में यात्री की संख्या कीर्तिमान बना रही थी, लेकिन अब यहां से यात्री मुंह मोड़ने लगे हैं। पटना का रुख करने लगे हैं। वजह, यहां से यात्रा की आधिक कीमत। यात्री इसके लिए टिकट की अधिक कीमत एवं बुनियादी सुविधाओं के अभाव को बड़ा कारण मान रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो बीते 20 जुलाई को कुल 10 उड़ानों में 1496 यात्रियों ने ही उड़ान भरी।
24 जुलाई को 10 उड़ानों के जरिए 1651 यात्रियों ने यात्रा की है। निश्चित रूप से यात्रियों की घटती संख्या एक चिंता का विषय है। यात्रियों का कहना है की पटना की अपेक्षा कई जगहों की हवाई यात्रा दरभंगा से दोगुनी से भी अधिक ली जा रही है। वहीं यहां पर बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। इस कारण यात्री यहां से मुंह मोड़ने लगे हैं। ये यात्री के अनुभवों के मुताबिक, बेंगलुरू से पटना जाना कुछ सस्ता है। वहां से4500 से 5000 रुपए के करीब किराया आता है। इमरजेंसी में दरभंगा से बोर्डिंग पास लेकर 11000 रुपये कीमत देनी पड़ी।
लोगों का यहां तक कहना है कि दरभंगा एयरपोर्ट के खिलाफ साजिश रची जा रही है। दरभंगा एयरपोर्ट से दरभंगा के अलावा समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मोतीहारी, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, खगड़िया, भागलपुर सहित नेपाल की तराई के लोगों को लाभ मिला है।
उल्लेखनीय है कि दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान सेवा प्रारंभ हुए दो साल होने वाले हैं।यहां से अब तक 10 लाख से अधिक यात्री आवागमन कर चुके हैं।सबसे अधिक पैसेंजर दिल्ली रूट पर बताए गए हैं। यहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु कोलकाता एवं हैदराबाद के लिए सीधी विमान सेवा है। दिल्ली, मुंबई एवं बेंगलुरु रूट पर अपेक्षाकृत अधिक यात्री होने के कारण दो-दो विमानों का आवागमन डेली होता है।




