

दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। सदर थाना क्षेत्र के मझियाम गांव के प्रख्यात मार्क्सवादी नेता महेश्वर प्रसाद सिंह की निर्मम हत्या मामले में स्थानीय प्रथम एडीजे कोर्ट का फैसला करीब उन्नीत साल बाद आ गया है। कोर्ट ने दो अभियुक्तों को सजा सुनाते हुए आजीवन कारावास भुगतने का आदेश दिया है। वहीं, दोनों पर पचीस हजार का आर्थिक दंड भी लगाया है। इस फैसले से पीड़ित पक्ष को न्याय मिली है।
जानकारी के अनुसार, सिविल कोर्ट दरभंगा के प्रथम एडीजे उदयवंत कुमार ने महेश्वर प्रसाद सिंह की हत्या के जुर्म में बहादुरपुर थाना के देकुली के राजाराम पासवान और सिराही भिठ्ठी के महेंद्र राम को दोषी पाया। कोर्ट ने दोनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा देते हुए पचीस-पचीस हजार बतौर अर्थदंड की सजा भी दी है।
दोनों अभियुक्तों पर 18 अगस्त 1993 की सुबह 8.30 बजे महमदपुर गांव के निकट महेश्वर प्रसाद की हत्या में शामिल होने का दोषी पाया गया। प्राथमिकी के अनुसार, माकपा नेता महेश्वर प्रसाद सिंह अपने घर से चचेरे भाई रघूबीर सिंह समेत अन्य लोगों के साथ लहेरियासराय कोर्ट आने के लिए साइकिल से चले थे।
रास्ते में महमदपुर के अवध बिहारी सिंह के बोरिंग के निकट पूर्व से घात लगाए गाछी की झाड़ी से निकलकर डेढ दर्जन लोगों ने अचानक सबों को घेर लिया। डीहलाही के लक्ष्मी पासवान ने गाली देते हुए आदेश दिया कि महेश्वर को मार दो।इतना सुनते हीं रंजीत साह ने पिस्टल से गोली फायर कर दिया जो उनके सिर में लगा।
मझियाम का रामदयाल पासवान ने सीने में गोली मार दी। वहीं तारालाही के अशोक पासवान और वर्तमान देकुली निवासी राजाराम पासवान ने उनके सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी हमलावर भाग गए।
तत्कालीन सदर थाना प्रभारी सीके सिंह ने रघुवीर सिंह का फर्दबयान घटना स्थल पर लिया। इसके आधार पर दस नामजद तथा एवं 5-7 अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध सदर थानाकांड सं.138/93 दर्ज हुई थी।
एपीपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड में अभी सत्रवाद सं. 40A/95 के तहत दो हत्याभियुक्तों के बिरुद्ध कोर्ट में सात गवाहों की गवाही हुई है।अदालत ने राजाराम पासवान को भा.द.वि.की धारा 302 में सश्रम आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा आर्म्स एक्ट में पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सूनाई है।
वहीं महेंद्र राम को धारा 302 में सश्रम कारावास तथा पचीस हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं चूकाने पर राजाराम को सात माह अतिरिक्त कारावास तथा महेंद्र राम को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भूगतना पड़ेगा।पूर्व में 8 अगस्त 1998 को एडीजे विश्वभंर उपाध्याय की अदालत ने सत्रवाद सं. 40/95 में सात अभियुक्तों यथा मझियाम के रामदयाल पासवान, महमदपुर के बिंदु सहनी, तारालाही के अशोक पासवान, सिनुआरा के राम खेलावन सहनी, डीहलाही के लक्ष्मी पासवान, छवैला के जीतन ठाकुर, माधोपुर के राम अशीष साह को इसी मामले में आजीवन कारावास की सजा 8 अगस्त 1998 को सूनाई थी। इसके अतिरिक्त एक अन्य अभियुक्त रंजीत साह के बिरुद्ध सत्रवाद सं.40(b) लंबित है।





