

मुजफ्फरपुर से इस वक्त की बड़ी खबर है। जिले के शहरी क्षेत्र में स्थित अखाड़ाघाट पुल से बूढ़ी गंडक नदी में कूदकर एक अधिवक्ता मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस एडवोकेट विद्युत शेखर शर्मा ने सुसाइड कर लिया। वे सरैयागंज के रहने वाले थे। परिजन ने कहा, अभी जिंदा हैं। इसी बहाने से लेकर चले गए शव। नदी से दो घंटे बाद शव बाहर निकाला गया। परिजन बिल्कुल ही खामोश हैं। इस दौरान परिजनों ने पुलिस से भी नोंकझोक की। घटना के बाद अफरातफरी मच गई है। पढ़िए पूरी खबर
शहर के प्रमुख अखाडाघाट पुल से बुढ़ी गंडक नदी में वकील ने छलांग लगा दी। जबतक उन्हें खोजा जाता तबतक उनकी डूबकर मौत हो चुकी थी। माना जा रहा है कि पारिवारिक विवाद में वकील शेखर शर्मा ने खुदकुशी कर ली है।
घटना कि सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। लेकिन, जब पुलिस शव को लेकर पोस्टमार्टम करवाने के लिए निकली तो उनलोगों ने रोक दिया। कहने लगे कि ये अभी जिंदा हैं। इस कारण पुलिस से नोकझोंक भी हुई। अंततः पुलिस ने छोड़ दिया। परिजन उन्हें लेकर इलाज कराने चले गए। ओपी प्रभारी ने कहा कि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। हमलोग अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं।
एडवोकेट के भाई और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। इधर पुलिस शव को लेकर पोस्टमार्टम करवाने की तैयारी में थी। लेकिन परिजनों ने पुलिस को रोक दिया और अस्पताल ले गए। प्रभारी दारोगा हरेंद्र कुमार ने कहा कि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस मामले में परिवार से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने कहा कि परिजन जो बयान देंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बाद में परिजनों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव एसकेएमसीएच भेज दिया है।
काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गयी। सूचना मिलने पर सिकंदरपुर ओपी प्रभारी हरेंद्र कुमार दलबल के साथ पहुंचे। स्थानीय मछुआरे की मदद से खोजबीन की गई। करीब दो घन्टे के बाद पानी से लाश निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अधिवक्ता विद्तुत शेखर वर्मा को नदी में छलांग लगाते देखा गया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची सिकंदरपुर ओपी प्रभारी दारोगा हरेंद्र कुमार दलबल के साथ स्थानीय गोताखोरों और मछुआरों की सहायता से खोजबीन शुरू की। लगभग दो घंटे की खोजबीन के बाद लाश नदी से निकाली जा सकी।




