
मोतिहारी से इस वक्त की बड़ी खबर पुलिस लाइन से है जहां, एसपी डॉ कुमार आशीष ने पचपकड़ी ओपी प्रभारी के बाद रक्सौल के थानाध्यक्ष पुलिस निरीक्षक शशिभूषण ठाकुर को भी निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि पुलिस निरीक्षक शशिभूषण ठाकुर पर अनुसंधान में प्रलोभन स्वीकार करने एवं धनराशि माँगने के गंभीर आरोप लगाया गया था। जिसकी जांच एएसपी रक्सौल को दिया गया था।उक्त जाँच प्रतिवेदन मे आरोप सही पाये जाने के बाद एसपी ने रक्सौल थानाध्यक्ष पर अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया है।
निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, बगहा निर्धारित किया गया है।इस आशय की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों के कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही सत्यनिष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता की कसौटी पर खरा न उतरने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा अगर जिले के किसी थाना में किसी भी तरह की अनियमितता या भष्ट्राचार की शिकायत हो तो सबूत-दस्तावेजों के साथ लिखित शिकायत करें, निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। उन्होने कहा कि भ्रष्ट आचरण वाले पुलिसकर्मियों की सूची बनाई जा रही है, जो भी दोषी पाए जाएंगे उनपर तत्काल कार्रवाई की जायेगी।
वहीं, एसपी डॉ कुमार आशीष ने पचकड़ी ओपी के थानेदार विक्रांत सिंह व एएसआई बीडी सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कारवाई करने का आदेश दिया है। एसपी ने उक्त कारवाई एक पीड़ित के उस आवेदन के बाद किया है जिसमे थानेदार-जमादार और एक दलाल के खिलाफ फिरौती के पैसे की वसूली का आरोप लगाया गया था।
जानकारी के अनुसार, जिले के पचपकड़ी ओपी के प्रभारी विक्रांत सिंह और जमादार बीडी सिंह पर 9.5 लाख रू वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। थाना क्षेत्र के भंडार गांव के दानिश नामक पीड़ित व्यक्ति ने पचपकड़ी के थाना प्रभारी विक्रांत सिंह जमादार बीडी सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया था। उक्त शिकायती पत्र में पीड़ित ने कहा है कि 10 जुलाई 2022 को हम अपने घर पर थे। इतने में पचपकड़ी ओपी के जमादार बीडी सिंह दल-बल के साथ पहुंचे।
उन्होंने मेरा नाम पूछा और कहा कि आपको बड़ा बाबू बुलाए हैं। आप थाने चलिए। वह हमें हिरासत में लेकर थाने ले आए। जहां पूरी रात मुझे थाने में रखा गया।फिर 11 तारीख की सुबह मुझसे बोला गया कि आप अपने पुत्र मो. हाशिम को फोन कर बुलाईये। जमादार ने भी मेरे पुत्र से बात किया और कहा कि थाने पर आइए कुछ पूछताछ करनी है।जिसके बाद मेरा पुत्र भी थाने पर आया।उसे भी कस्टडी में ले लिया गया। उसके बाद थानेदार विक्रांत सिंह ने कहा कि मैनेज करो नहीं तो जेल भेज देंगे।
इस मामले में पीड़ित ने एसपी को आवेदन देकर थानेदार,जमादार व दलाल पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। एसपी ने मुख्यालय एएसपी से पूरे मामले की जांच करवाई। जिस मामले में थानेदार के खिलाफ लगाए गए तमाम आरोप सही साबित हुए। जिसके बाद पचकड़ी ओपी के थानेदार विक्रांत सिंह व जमादार बीडी सिंह को निलंबित कर दिया। ओपी अध्यक्ष पर पुलिस अधिकारी के रूप में विधि के प्रावधानों के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का अभाव, स्वेच्छाचारिता, लापरवाही एवं कार्य में मनमानेपन के गंभीर आरोप में यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। एसपी के इस कार्रवाई के बाग जिले के तमाम थानों में हड़कंप मच हुआ है।








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