
खुटौना / मधुबनी देशज। देश को आजादी वीर सपूतों के बलिदान तथा स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग के फलस्वरूप प्राप्त हुआ हैं। 15 अगस्त 1947 को ही स्वतंत्रता सेनानियों की कड़ी मशक्कत और कुर्बानी के कारण अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर विवश होना पड़ा। प्रखंड के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र लौकहा में सुबह से ही चहल-पहल देखने को मिल रही थी।
बच्चे स्कूली पोशाक में अपने-अपने स्कूलों में परेड तथा स्वतंत्रता दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने को जा रहे थे। सुबह साढ़े सात बजे कारमेघ उत्तरी के ग्राम कचहरी में झंडोत्तोलन सरपंच रोबिन प्रसाद के द्वारा किया गया उसके बाद ग्रामीणों का हुजूम आगे की ओर प्रस्थान करते हुए कस्टम, एसबीआई बैंक, लौकहा थाना, डाक घर, पंचायत भवन, एसएसबी कैम्प, एपीएचसी केन्द्र लौकहा, लक्ष्मी नारायण जनता उच्च विद्यालय लौकहा तथा जनता कॉलेज लौकहा में पंचायत के बुद्धिजीवियों तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में झंडा फहराया गया।
मिठाई खाते हुए पुनः: अपने – अपने घर लौट गये। वहीं दस बजे दिन में जी समवाय लौकहा एसएसबी के पदाधिकारियों में सहायक कमांडेंट दयाल जी, निरीक्षक जगदेव के नेतृत्व में तथा अन्य जवानों की उपस्थिति में नेपाल एपीएफ के पदाधिकारियों को मिठाई भेंट करते हुए दोनों देशों की मित्रता एवं बेटी रोटी सम्बंध को यूं ही बनाये रखने की बात करते हुए एक – दूसरे को बधाई दी।

वहीं कस्टम विभाग के वरीय हवलदार डीके आजाद ने कहा कि कस्टम डिपार्टमेंट हमेशा नेपाल के लोगों की मदद करता है।



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