
दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। सदर के एसडीपीओ कृष्ण नंदन प्रसाद का दरभंगा से स्थानातंरण हो गया। इस विदाई और उनके उज्जवल भविष्य की कामना के बीच आज देशज टाइम्स भी भावुक है। हरवक्त अपने खबरों में, अपराध की सुर्खियों में, सदर अनुमंडल के विभिन्न घटनाओं में सदैव देशज टाइम्स के साथ अपना अनुभव और सहयोग की जिस डोर से एसडीपीओ श्री प्रसाद ने हमें बांधा था, आज उस धागे में तनिक कमजोरी महसूस हुई।
कारण, देशज टाइम्स जिस वक्त यानी गत बीस जुलाई को चार साल का हुआ। आप (एसडीपीओ कृष्णनंदन प्रसाद) बनें भागीदार। आपने देशज टाइम्स के संक्षिप्त कार्यक्रम सह समारोह को विहत्, विस्तारित और खास, आकर्षक बना दिया।
आपकी गरिमामयी उपस्थिति को हम सदैव अपने जेहन में जोड़े रखेंगे। इस उम्मीद और विश्वास के साथ, आप जहां भी रहेंगे, देशज टाइम्स को आपका प्यार, स्नेह और सहयोग मिलता रहेगा। सच मानिए सर, देशज टाइम्स आपको दिल से सैल्यूट करता है….सादर।
गुरुवार की शाम, श्यामा रेजीडेंस का वो नजारा, जहां सड़कों पर पुलिस गाड़ियों की कतार, साथ ही हॉल में आए दरभंगा एसएसपी अवकाश कुमार और साथ में बैठे निवर्तमान एसडीपीओ कृष्ण नंदन प्रसाद, पुलिस लाइन के निवर्तमान डीएसपी सर्वेश चंद्र, बिरौल, बेनीपुर, सदर एसडीपीओ, डीसीएलआर साथ में कई थानों के इंस्पेक्टर, थाना अध्यक्ष, पुलिस एसोसिशन के कई पदाधिकारी, पुलिस एवं पत्रकारों की मौजूदगी… भावुक पल में समा बांधने के लिये तत्पर था।
मौका था, एसडीपीओ कृष्ण नंदन प्रसाद एवं पुलिस लाइन के डीएसपी सर्वेश चंद्र के विदाई एवं सम्मान समारोह का। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार नवीन सिन्हा कर रहे थे। एसएसपी अवकाश कुमार ने कहा कि भावुक क्षण है। लेकिन, सरकार में पदस्थापन और स्थानांतरण की प्रक्रिया चलती रहती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने उस पल को याद करना चाहिए। जब किसी कुर्सी पर बैठने के लिए लोग अथक प्रयास करते रहते हैं। इस प्रयास के दौरान कितनी परेशानियों से लोग गुजरते रहते हैं। लेकिन, जब वह सफल होते हैं तो उस दिन को याद करना चाहिये जिस दिन वह कितने दिक्कतों का सामना कर इस मुकाम पर पहुंचते हैं।
यह उनकी तकदीर है। और, कुर्सी मिलने के बाद उन्हें कोई घमंड नहीं होना चाहिये। उन्हें उसी तरह अपने कार्यों को करना चाहिये। यही नहीं, उन्होंने कहा कि टेंशन में कोई काम नहीं करना चाहिये।
उन्होंने कहा कि पुलिस को छोटी- बड़ी घटना सभी तरह की घटनाओं से जूझना पड़ता है। अगर आप उसे टेंशन में लेकर काम करते है तो आपके मातहत काम करने वाले लोग भी ठीक से काम नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि एसडीपीओ कृष्ण नन्दन कुमार दरभंगा जैसी जगहों पर हंसते खेलते काम कर ऐसे समय को बीता दिये जो पता नहीं चला। उन्होंने पुलिस लाइन डीएसपी सर्वेश चंद्र की तारीफ करते हुये कहा कि पुलिस में पुलिस लाइन एक अलग विंग है जहां कई तरह के काम होते हैं।
और, ऐसे में कोई पदाधिकारी सफल तरीके से पुलिस लाइन में काम कर रहें हो तो एसपी या एसएसपी की आधा परेशानी वहीं खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसा काम प्रशिक्षु डीएसपी सर्वेश ने किया है। उन्होंने विदा हो रहें दोनों पदाधिकारी यों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
बिरौल डीएसपी मनीष चंद्र चौधरी ने एसएसपी श्री कुमार की तारीफ करते हुये कहा कि एसडीपीओ श्री कुमार उनके गुरु भी रहे हैं और शिष्य बनकर हमलोगों ने बहुत कुछ उनसे सीखा है।
बेनीपुर एसडीपीओ ने भी एसएसपी समेत एसडीपीओ के तारीफ में समा बांधा। पत्रकार राकेश कुमार नीरज ने कहा कि कि दरभंगा में जब किसी पदाधिकारी की पोस्टिंग होती है तो सीखने के लिये इससे बेहतर जगह कोई दूसरा नहीं है। विश्वविद्यालय थाना अध्यक्ष सत्य प्रकाश झा की देख-रेख में विदाई समारोह का कार्यक्रम संपन्न हुआ।








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