
बेनीपुर। प्रखंड क्षेत्र के देवराम अमेठी पंचायत के तत्कालीन मुखिया, पंचायत सचिव एवं कनीय अभियंता के विरुद्ध सरकारी राशि गबन करने के आरोप में एक बार पुनः गाज गिरना तय माना जा (big action will be) रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी शंभु नाथ झा ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, देवराम अमैठी पंचायत के तत्कालीन मुखिया ज्ञासुद्दीन एवं पंचायत सचिव ठक्को महतो और कनीय अभियंता अनसारुल हक की मिलीभगत से आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 195 के भवन निर्माण के लिए 5 लाख 61 हजार की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन, आज तक उक्त भवन का निर्माण कार्य संपन्न नहीं किया जा सका।
लेकिन, 4 लाख 61 हजार की निकासी कर ली गई। उक्त मामले को लेकर भाकपा नेता शैलेंद्र मोहन ठाकुर ने स्थानीय पदाधिकारी से लेकर जिला पदाधिकारी तक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन उक्त मामला अभी तक जांच पड़ताल में ही लंबित है।
वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी शंभुनाथ झा ने गत फरवरी माह में भी प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखते हुए 16 माह बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। दूसरी ओर तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी अमोल मिश्र ने उक्त मामले को जांच का निर्देश प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी कुमारी भारती को दिया था।
भारती ने उक्त मामले को जांच करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन भेजा था लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस बीच सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी श्री झा मामले को गंभीरता से लेते हुए नव पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी अंशुमन कुमार को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अंशुमन कुमार ने बताया कि मामला वर्ष 2011-12 का है। इसका पुनः जांच कराई जाएगी। और निश्चित रूप से राशि गबन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, उक्त पंचायत के मुखिया एवं पंचायत सचिव सरकारी कार्य में अनियमितता को लेकर बराबर सुर्खियों में बने रहे। कभी मनरेगा घोटाला तो कभी बाढ़ राहत घोटाला तो कभी थोक मात्रा में शिक्षक नियोजन घोटाला में चर्चित रहे हैं और कई बार जेल की हवा भी खा चुके हैं।







