
बिहार में नगर निकाय चुनाव और इसमें अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर राजद और बीजेपी में रार चल रहा है। आज प्रदेश अध्यक्ष डॉ.संजय जायसवाल ने कहा कि नीतीश सरकार नगर निकाय चुनाव को लटकाना चाहती है। अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण भी नहीं देना चाहती है। यदि अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ एक महीने के अंदर बिहार में नगर निकाय का चुनाव नहीं हुआ तो भाजपा सड़कों पर उतरेगी और प्रदर्शन करेगी।
अब सरकार के डिप्टी सीएम तेजस्वी की बातें सुनिए, उन्होंने कहा-यह सब बकवास की बातें है। यदि हम आरक्षण नहीं चाहते तो अब तक बिहार में नगर निकाय चुनाव करा दिए होते। पिछड़ा और अति पिछड़ों को आरक्षण मिले। इसके लिए हम सुप्रीम कोर्ट गये। महाराष्ट्र कोर्ट के बाद बिहार में जो फैसला आया उसे हम सुप्रीम कोर्ट में रखने का काम करेंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान बीजेपी अध्यक्ष डॉ.जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार अति पिछड़े वर्ग के लोगों के विकास के विरोधी हैं। नगर निकाय चुनाव पर असंवैधानिक निर्णय इस बात का प्रमाण है। संजय जायसवाल ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के अति पिछड़ों के विकास पर केंद्रित सामाजिक नीति और मंडल कमीशन लागू होने के सामाजिक-राजनीतिक विरासत पर पहला अधिकार अगर किसी का है तो हमारा है। 1977 में मोरारजी देसाई की सरकार में या कर्पूरी ठाकुर के साथ सरकार में रहकर या 1980 के बाद सरकार से बाहर रहकर हमने लगातार गरीब, कमजोर और पिछड़े समाज के हकों को लेकर उनका साथ दिया है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में नगर निकायों के चुनावों में नियमावलियों का प्रावधान किया है और कोई राज्य उन नियमों की अवहेलना नहीं कर सकता है। उच्च अदालत का फैसला सुप्रीम कोर्ट के प्रावधानों के आलोक में ही आया है और वे भाजपा को इसके लिए जिम्मेवार बता रहे हैं ? हम कोर्ट से मांग करेंगे इस पूरे मसले पर स्वतः संज्ञान ले और नीतीश सरकार को अवमानना के लिए दोषी करार करे।
इस पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद पटना पहुंचे डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने संजय जायसवाल को जवाब देते कहा है कि अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ ही बिहार में नगर निकाय का चुनाव होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया जाए, इसलिए हमलोग सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। कि बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। बीजेपी के लोगों को जयप्रकाश जी से क्या लेना देना है।
आज देश में अघोषित इमरजेंसी है इस पर बीजेपी चर्चा क्यों नहीं करती। पूरे देश में तानाशाह का माहौल है। इमरजेंसी के खिलाफ जेपी जी ने आंदोलन किया था। आज के दौर में अघोषित इमरजेंसी है। आज के डेट में ना तो सुनवाई हो रही है और ना ही कार्रवाई हो रही है। आज केवल चंद लोगों की सरकार है और चंद लोगों के लिए काम किया जाता है।
इस दौरान तेजस्वी यादव ने राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पर भी मीडिया के सवाल को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जगदानंद बाबू नाराज नहीं है। उनकी तबियत खराब है, उन्होंने खुद भी यह कह चुका है। तेजस्वी ने मीडिया के सवाल को जवाब देते हुए कहा कि आप जगदानंद बाबू को नहीं समझते हैं। वे चहरा दिखाने वालों में से नहीं है। वे सभी काम करवा देते हैं और खुद पीछे हो जाते हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए अनाप-शनाप बयानबाजी कर रही हैं। बीजेपी के लोगों को जयप्रकाश जी से क्या लेना देना है। आज देश में अघोषित इमरजेंसी है इस पर बीजेपी चर्चा क्यों नहीं करती। पूरे देश में तानाशाह का माहौल है। इमरजेंसी के खिलाफ जेपी जी ने आंदोलन किया था। आज के दौर में अघोषित इमरजेंसी है। आज के डेट में ना तो सुनवाई हो रही है और ना ही कार्रवाई हो रही है। आज केवल चंद लोगों की सरकार है और चंद लोगों के लिए काम किया जाता है।
दरअसल, बिहार में नगर निकाय का चुनाव दो चरणों में 10 और 20 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन ईबीसी आरक्षण पर पटना हाईकोर्ट की रोक के बाद बिहार में नगर निकाय का चुनाव टालना पड़ा है। बिहार सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी तक बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की है।


