



दरभंगा, देशज टाइम्स। आगामी चुनाव के मद्देनजर देश का चुनावी माहौल गरमा रहा है।रैलियां, नारे और लोक लुभावन चुनावी वादों की झड़ी के बीच सियासी पारा चढ़ रहा है। इस समय देश में चुनावी प्रचार चरम पर है। हर दिन आपको यहां पर नए-नए जुमले सुनने को मिल जाएंगे. एक दौर में यहां चुनावी नारों का चलन काफी ज्यादा रहा है। इनके बगैर यहां कोई चुनावी चर्चा पूरी नहीं होती थी। सच से कभी नहीं डिगा हो, न कोई किया हो घपला। हो लोकप्रिय जन-जन का हितैषी, दूर किया हो झगड़ा सब बच्चों को पढ़वाए।
ऐसे किसी विशेष व्यक्ति को, दे देना यारों वोट। भ्रष्ट और निर्मोही को, अंदर से मारो चोट। जो काम कराए कर्तव्यनिष्ठ हो,उसी को देना वोट।भ्रष्ट और निर्मोही को,अंदर से मारो चोट। जो गांवों को चमन बनाए,गलियों को महकाए।कोई अशिक्षित रह न पाए। ऐसे वीर व्यक्ति को यारा, सारे देना वोट। भ्रष्ट को, अंदर से मारो चोट। देश में हालात यही है, जमीन गई चकबंदी में, मकान गया हदबंदी में, द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में। याद रखना अपना वोट व्यर्थ मत गंवाना। वोट देना मगर सोचकर।



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