

बालाजी टेलीफिल्म्स के पूर्व सीओओ जुल्फिकार अहमद खान और उनके दोस्त मोहम्मद जैद सामी किदवई की केन्या में आपराधिक जांच निदेशालय (डीसीआई) की विशेष सेवा इकाई (एसएसयू) ने हत्या कर दी है। केन्या की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना की पुष्टि यहां के राष्ट्रपति विलियम रुटो के एक करीबी सहयोगी ने की है। ये दोनों इस साल जुलाई में केन्या में लापता हो गए थे।
जुल्फिकार बालाजी टेलीफिल्म्स और स्टार टीवी के पूर्व सीओओ थे। वह केन्या में क्वांजा डिजिटल अभियान टीम का हिस्सा थे। परिवार के सदस्यों ने इन दोनों का पता लगाने के लिए सरकार से मदद मांगी थी और अपने स्तर से भी कई प्रयास किए थे। इससे पहले बालाजी टेलीफिल्म्स की संयुक्त प्रबंध निदेशक एकता कपूर ने जुल्फिकार के बारे में एक पोस्ट साझा कर भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मामले हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। पढ़िए पूरी खबर
केन्या में चार महीने से लापता भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स के पूर्व सीओओ और स्टार टीवी के पूर्व कार्यकारी की हत्या कर दी गई है। वह अपने दोस्त मोहम्मद जैद सामी के साथ केन्या में राष्ट्रपति विलियम रुटो के क्वांजा डिजिटल अभियान टीम का हिस्सा थे। इन्हें खोजने के लिए फिल्म डायरेक्टर एकता कपूर और इनके परिवार वालों ने प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मदद भी मांगी थी।
बालाजी टेलीफिल्म्स के पूर्व सीओओ जुल्फिकार खान अपने दोस्त मोहम्मद जैद सामी के साथ राष्ट्रपति विलियम रुटो के क्वांजा डिजिटल अभियान टीम का हिस्सा बनने के लिए केन्या गए थे। दोनों भारतीयों ने राष्ट्रपति रूटो के विशेष अभियान में बहुत योगदान दिया था। दोनों जुलाई महीने में मोम्बासा रोड से टैक्सी ड्राइवर निकोडेमस मवानिया के साथ लापता हो गए थे। उनकी डिजिटल यूनिट से जुड़े दोनों भारतीयों के लापता होने की जांच के बाद राष्ट्रपति रुटो ने पिछले शनिवार को इस यूनिट को भंग करने का आदेश दिया था।
जुलाई में जब दोनों के लापता होने की खबरें भारत को मिली थीं तब से ही विदेश मंत्रालय केन्या सरकार से संपर्क में था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा मामले की जानकारी मिलने पर शीघ्र ही वहां पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। केन्याई अदालत में दोनों के लापता की एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दायर की गई थी।
इटुम्बी ने दावा किया है कि सबूतों के मुताबिक दोनों एक कैब में थे, जिसे DCI यूनिट ने ब्लॉक कर दिया था। खान, किदवई और उनके टैक्सी ड्राइवर सभी को एक दूसरी कार में ले जाया गया और उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि किडनैप किए जाने के 3 दिन बाद तीनों को एक वाहन में बिठाया गया। फिर राजधानी नैरोबी से 150 किलोमीटर दूर एबरडेयर्स की ओर भेजा दिया।
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो के बेहद करीबी डेनिस इटुंबी ने दावा किया है कि संगठन में काम करने वाले कुल 21 जासूसों को शुक्रवार को नैरोबी में आंतरिक मामलों की इकाई (एसएसयू) मुख्यालय में बुलाया गया। वहां दोनों भारतीयों की हत्या किए जाने की जानकारी मिली।
इसका आरोप उन्होंने आपराधिक जांच निदेशालय (डीसीआई) की भंग की जा चुकी इकाई एसएसयू पर लगाया है। जांच में दोनों भारतीयों के लापता होने के पीछे डीसीआई की इकाई एसएसयू की भूमिका संदिग्ध मिलने पर राष्ट्रपति ने इसे भंग करने का आदेश जारी किया था।
केन्याई राष्ट्रपति के करीबी डेनिस इटुम्बी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए यह दावा किया है, लेकिन उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया, केवल इस बात की प्रबल आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि डॉ. रुटो को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए उनकी मदद करने वालों को रास्ते से हटाने के लिए ऐसा किया होगा। आखिरकार हमें यह दुखद जानकारी मिली।




