

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। थाना क्षेत्र के बलाट गांव में एक दिन पूर्व बच्चों के संग जहर पीने वाली महिला व गुंजन चौपाल की पत्नी फुलदाई देवी एवं उसके दो बच्ची शिवानी व आशा कुमारी की स्थिति में सुधार आया है।
डीएमसीएच के चिकित्सक लोगों को अपनी निगरानी में रखे हुए हैं। गुंजन चौपाल के परिवार की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने देशज टाइम्स की टीम बिरौल थाना क्षेत्र के बलाट गांव पहुंची। लेकिन डीएमसीएच में इलाजरत रहने के वजह से पीड़िता एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट नहीं हो पाई।
फिर भी ग्रामीणों एवं प्रखंड कार्यालय से उपलब्ध जानकारी से एक बात स्पष्ट हो गया है कि गुंजन चौपाल वास्तव में काफी गरीब व्यक्ति है। लोगों को मिलने वाली सरकारी सुविधा से यह परिवार आज भी वंचित है।
मजदूर होने के बावजूद इनके एवं इनके पत्नी के नाम से जॉब कार्ड उपलब्ध नहीं है। इसकी पुष्टि मनरेगा कार्यालय से हुई है। आवास योजना एवं स्वच्छता मिशन के तहत मिलने वाले शौचालय का लाभ इस परिवार को प्राप्त नहीं हो पाया है। वर्तमान में बलाट गांव नगर पंंचायत बिरौल के क्षेत्राधिकार में है। इससे पूर्व यह क्षेत्र डुमरी पंंचायत अन्तर्गत आता था।
इधर नगर पंंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी जयचंद्र अकेला ने बताया कि देशज टाइम्स में छपी खबर के माध्यम से यह दुखद मामला संज्ञान में आया है। डीएमसीएच से छुट्टी मिलने पर पीड़ित परिवार से मिलकर इनके समस्या से रु-ब-रु होंगे।
उन्होंने बताया कि नगर पंंचायत नियमावली के तहत जो संभव हो पायेगा। पीड़ित परिवार को सरकारी सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी के अनुसार ऋण में डूबी फुलदाई देवी अपने दो बच्ची के संग कीटनाशक दवा खा कर जीवन लीला समाप्त करने कि कोशिश की थी।



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