
दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। देशज टाइम्स की खबर का असर हो ही गया। आखिरकार, दरभंगा से कमान लेने को विवश हो ही गए विरमित सिपाही। इन विरमित सिपाहियों के कमान लेते ही पुलिस लाइन के अन्य सभी सिपाहियों ने जमकर जश्न मनाया। साथ ही देशज टाइम्स को बधाई दी। पढ़िए देशज टाइम्स की खबर का क्या हुआ असर….
सिपाही राजू यादव की ओर से कमान लिये जाने के बाद दरभंगा पुलिस लाइन में पदस्थापित सिपाही से लेकर पुलिस पदाधिकारियों में खुशी का माहौल है। कई सिपाही तो रविवार की देर शाम जगह-जगह पार्टी का आयोजन कर फूले नहीं समा रहें थे। पुलिस लाइन के सभी पुलिसकर्मी देशज़ टाइम्स को बधाई देते हुये कह रहे थे कि देशज टाइम्स की बदौलत ही यह कार्रवाई संभव हो सकी।
देशज टाइम्स ने वर्षों से जमे सिपाहियों को लेकर लगातार रपट प्रकाशित करते हुए सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था। इसके तहत खबरों का एपिसोड चला रहा था। दरअसल, ये सिपाही पुलिस मेंस एसोसियेशन का चुनाव लड़कर यहां पुनः पदस्थापित हो गये थे। इनकी दबंगई पुलिस लाइन एवं अन्य जगहों पर इतनी थी कि एक एक सिपाही से लेकर पदाधिकारी तक परेशान थे।
इनकी डर से कोई भी पुलिसकर्मी कुछ बोलने या कुछ करने से परहेज करते थे। कई सिपाहियों की मनोदशा इनके डर से खराब थी। हालांकि एसएसपी और आईजी भी इनके आगे इतना झुके दिखाई पर रहें थे जैसे वरीय पुलिस पदाधिकारी विहीन दरभंगा जिला हैं।
पुलिस में अनुशासन ही खत्म होता दिखाई दे रहा था। लेकिन, पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार के सामने इन बातों को लेकर जब परत दर परत खुलने लगी तो उन्होंने बिंदुवार एक्शन लेने के लिये आई जी और एसएसपी पर दबाव बनाया फिर जाकर यह कारवाई संभव हो सकी हैं।
दिवा ऑफिस एवं रिजर्व जिला कार्यालय से बिरमित हुये सिपाहियों ने एडीजी श्री गंगवार के शख्त कदम के बाद अपना कमान ले लिया हैं। अब स्थानांतरित जिला में नियमानुसार छह दिनों के भीतर इन सबों को योगदान देना हैं। एडीजी श्री गंगवार के तल्ख तेवर के बाद इनलोंगों ने कमान लिया हैं।सभी सिपाही नौ ड्यूज लेने के प्रक्रिया में हैं।


