
बीजेपी और जेडीयू इन दिनों एक दूसरे के खिलाफ दावा कर रही है। केंद्र से लेकर बिहार तक दोनों में घमासान मचा है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे को आगामी चुनाव में सत्ता से मुक्त करने का दावा कर रही। अब जीत किसकी होती है उसके लिए इंतजार है।
फिलहाल जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने दावा किया कि 2024 तक देश बीजेपी मुक्त हो जाएगा। इसके जवाब में पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि बीजेपी मुक्त भारत बनाने का सपना देखने वाली जेडीयू खुद 2025 तक बिहार से मुक्त हो जाएगी। इस बयानबाजी के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। इधर,
जेडीयू के विधायकों को बीजेपी का खुला आमंत्रण जदयू को कतई रास नहीं आ रहा।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बिहार प्रदेश के अध्यक्ष और बेतिया से लोकसभा सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से जेडीयू नेताओं को खुला ऑफर दिया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वैसे नेता जिन्होंने बीजेपी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्रीय जनता दल के जंगलराज और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी उनका बीजेपी में स्वागत है।
डॉ. संजय जयसवाल ने कहा कि जेडीयू के वैसे नेता बीजेपी में शामिल होते हैं तो उनका सम्मान पूर्वक स्वागत किया जाएगा। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार भले ही भ्रष्टाचार और जंगलराज के रचयिता लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के गोद में बैठ गए हैं।
लेकिन उनकी पार्टी के कई नेता नीतीश कुमार के इस निर्णय से खुश नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण मोकामा गोपालगंज और कुढ़नी में हुए विधानसभा के उपचुनाव में देखने को मिला है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन उपचुनाव में जेडीयू के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के पक्ष में काम किया और अपने वोटरों से बीजेपी को वोट भी दिलवाया।

