

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। अनुमंडल व्यवहार न्यायालय एवं अनुमंडल दंडाधिकारी न्यायालय से जुड़े अधिवक्ताओं के बैठने की स्थायी व्यवस्था अबतक नहीं हो पाया है।
इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं की आपात बैठक बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष बच्चे लाल झा की अध्यक्षता में बुधवार को आहुत की गई। न्यायालय परिसर में आयोजित बैठक में वकालतखाना निर्माण के लिए अंचलाधिकारी की ओर से अबतक भूमि उपलब्ध नहीं कराए जाने एवं इस समस्या को लेकर सकारात्मक पहल नहीं किये जाने पर अधिवक्ताओं ने उनके प्रति आक्रोश जताया।
इससे पूर्व सचिव राजकपूर पांडेय ने वकालतखाना के लिए ऐसोसिएशन की ओर से किये गए पत्राचार आदि की जानकारी उपस्थित अधिवक्ताओं को दिया। इस दौरान सदस्यों की ओर से दिये गए विचारों को सुनने के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 17 दिसंबर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के बिरौल आगमन पर उनके समक्ष समस्या को रखा जाएगा।
इसके बाद यदि वकालतखाना की भूमि चिन्हित नहीं होती है तो जनवरी 2023 को किसी भी दिन अधिवक्तागण बैठक कर हड़ताल करने पर बाध्य होंगे, तब तक सभी सदस्य इंतजार करेंगे।
अध्यक्ष बच्चे लाल झा ने बताया कि बैठक से पूर्व ऐसोसिएशन के सदस्य एसडीएम संजीव कुमार कापर से भेंट कर अधिवक्ताओं के साथ उत्पन्न समस्या से उन्हें अबगत कराया। संघ के सदस्यों के बातों को सुनने के एसडीएम ने सहयोग करने का आश्वासन अधिवक्ताओं को दिये। मौके पर गोविंद माधव, कैलाश कुमार, अवधेश चन्द्र यादव, नूर अली खान, बलराम यादव, रीना सिंह, हीरा कुमार मुखिया, संजय राम सहित कई अधिवक्तागण मौजूद थे।


