
यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो किसी को अपना चैनल बनाने की फ्री में सुविधा देता है। इस पर कोई भी अपने वीडियो अपलोड कर सकता है। और, ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बना सकता है, लेकिन इसकी भी गाइडलाइंस हैं। केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पूरे देश के स्तर पर इसके लिए अलग अलग जोन में इसे प्रोड्श्रर और उसके निर्देशक या संपादक की पूरी सूची बनाई है। इसमें कई नामचीन घराने भी शामिल हैं। मगर,अगर कोई यूट्यूब की गाइडलाइंस का उल्लंघन करता है तो यूट्यूब उस चैनल को बंद कर सकता है। ऐसा ही हुआ है। केंद्र की केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने तीन चैनलों को यूट्यूब से हटाने का निर्देश दिया है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को यूट्यूब को तीन चैनल (आज तक लाइव, न्यूज हेडलाइंस और सरकारी अपडेट्स) को हटाने का निर्देश दिया है। तीनों चैनलों पर देश में भ्रामक खबरें फैलाने का आरोप है।
इन चैनलों सुप्रीम कोर्ट, देश के प्रधान न्यायाधीश, सरकारी योजनाओं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), कृषि ऋण माफी आदि के बारे में झूठे और सनसनीखेज दावे करने के 40 से ज्यादा वीडियो हैं।
उल्लेखनीय है कि पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की फैक्ट चेक यूनिट ने मंगलवार को देश में भ्रामक खबर फैलाने वाले तीन यूट्यूब चैनल का पर्दाफाश किया है। इन चैनलों के लगभग 33 लाख सब्सक्राइबर हैं। और उनके वीडियो हैं। इनमें न्यूज हेडलाइंस के 9.67 लाख सब्सक्राइबर। सरकारी अपडेट्स के 22.6 लाख सब्सक्राइबर और आज तक लाइव के 65.6 हजार सब्सक्राइबर हैं।





