

पटना से इस वक्त की बड़ी खबर है जहां, सचिवालय सहायक की परीक्षा के कथित लीक प्रश्न पत्र मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई की। बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ओर से शुक्रवार को आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था।
इधर, जगदानंद सिंह ने कहा कि पेपर लीक बिहार की ही नहीं बल्कि राष्ट्रव्यापी समस्या बन गई है। बिहार सरकार अपने तरफ से परीक्षाओं को लेकर पूरी तरह से सतर्क रहती है। लेकिन कुछ लोग गलत पेपर लीक जैसे घटनाओं को अंजाम देकर पूरी परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने का काम कर रहे हैं।
वे लोग हजारों-लाखों छात्रों का भविष्य ओर मेहनत बर्बाद करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी घटनोंओं से प्रतिभावान छात्रों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी लोग ऐसे कारनामें में शामिल है उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सरकार को कार्रवाई करना चाहिए। जहां भी गड़बड़ी है उसको जल्द से जल्द दूर करने की जरूरत है। हालांकि की अभी सरकार के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। पढ़िए पूरी खबर
शुक्रवार को आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद बिहार कर्मचारी आयोग ने जांच का जिम्मा आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दी। जांच की जिम्मेदारी संभालते ही आर्थिक अपराध इकाई ताबड़तोड़ छापेमारी में जुट गई है। EOU की टीम प्रश्न पत्र कहां से वायरल हुआ, यहां तक करीब करीब पहुंच गई है।
पटना से गई EOU की टीम ने मोतिहारी में कई लोगों से पूछताछ की है। इसके बाद रात में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जांच टीम ने मोतिहारी के एक परीक्षा केंद्र को चिन्हित किया है। उसी सेंटर से एक परीक्षार्थी द्वारा प्रश्न पत्र वायरल किये जाने की संभावना है। इसके बाद EOU की टीम ने उक्त परीक्षा केंद्र के हॉल में तैनात एक शिक्षक को रात में ही हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए शिक्षक से जांच टीम पूछताछ में जुटी है।
शुक्रवार को परीक्षा शुरू होने के घंटे भर बाद ही प्रश्न पत्र वायरल होने लगा। एसएससी का प्रश्न पत्र 11 बजे लोगों के मोबाइल पर आने लगा। परीक्षा समाप्ति के बाद जब वायरल प्रश्नपत्र का मिलान किया गया तो साबित हुआ की प्रथम पाली का प्रश्न पत्र वायरल हुए थे।
सचिवालय सहायक पद के लिए राज्य के 38 जिलों में दो दिनों तक परीक्षा हो रही है. लेकिन शुक्रवार को परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद ही प्रश्न पत्र लीक होने की खबर आई। देखते ही देखते लोगों के मोबाइल पर प्रश्न पत्र की प्रति आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री ने भी कहा कि अगर प्रश्न पत्र लीक हुआ है तो इसकी उचित जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अब उसी क्रम में ईओयू ने मोतिहारी में छापेमारी की।
वहीं प्रश्न पत्र लीक होने की खबर आते ही राज्य के लाखों छात्रों को झटका लगा है। छात्रों ने परीक्षा को फूलफ्रूप और पारदर्शी बनाए बिना आयोजित करने के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग के प्रति नाराजगी जाहिर की। हालांकि अब तक आयोग की ओर से प्रश्न पत्र लीक होने को लेकर कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा रहा है। यहां तक कि शनिवार को होने वाली परीक्षा भी चल रही है। लेकिन इस बीच ईओयू ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मोतिहारी में छापेमारी हुई है।



