

नेपाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नेपाल में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। नेपाल में कम्युनिस्ट नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड (Pushpa Kamal Dahal) ने राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।
प्रचंड ने रविवार को राष्ट्रपति भंडारी से मुलाकात करके पीएम पद पर अपनी दावेदारी पेश की। प्रचंड का दल माओवादी केंद्र नेपाल की संसद में तीसरी बड़ी पार्टी है। विपक्षी सीपीएन-यूएमएल और अन्य छोटे दल रविवार को नाटकीय घटनाक्रम में सीपीएन-माओवादी सेंटर (सीपीएन-एमसी) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ को अपना समर्थन देने पर सहमत हो गए। इसके साथ ही प्रचंड के नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। पढ़िए पूरी खबर
छह पार्टियों के गठबंधन ने पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड को अगला प्रधानमंत्री स्वीकार किया गया है। यानी नेपाल के अगले प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड होंगे। वो ढाई साल तक इस पद पर रहेंगे. इसके बाद दूसरे दल के नेता को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा।
दरअसल, नेपाल में हाल में हुए आम चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल सका था। इसके बाद 6 दलों के गठबंधन ने नेपाल के माओवादी केंद्र के नेता पुष्प कमल दहल को समर्थन करने का फैसला किया।
प्रचंड ने बहुमत के लिए जरूरी 138 से ज्यादा सांसदों के समर्थन का दावा किया है। इसके बाद अब प्रचंड का प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है। इसके साथ ही खबर है कि सोमवार को ही प्रचंड नए पीएम के तौर पर शपथ ले सकते है। ओली और प्रचंड की पार्टी के बीच गठबंधन हो गया है।
जानकारी के अनुसार, नतीजों के बाद से राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाता हुआ था अब वो संभलता हुआ दिख रहा है। तस्वीर लगभग साफ हो गई है। नेपाल में हुए आम चुनाव किसी दल को पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं हुआ था। जिसके बाद नेपाल में कई तरह के कयास और नए समीकरण बनते दिख रहे थे।






