
बिहार में पटना और दरभंगा समेत नौ जगहों पर सीबीआई की रेड चल रही है। यह रेड फर्जी डिग्री की बदौलत रूस, चीन, यूक्रेन जैसे देशों के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के मामले में हो रही है।
बिहार मेडिकल काउंसिल के माध्यम से 19 छात्रों का विदेशी मेडिकल कॉलेजों में नामांकन कराया गया था। यह सभी मेडिकल डिग्रीधारी छात्र फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा को पास नहीं कर पाए हैं। जो फिलहाल जानकारी है उसके मुताबिक 73 मेडिकल छात्र जांच के दौरान फर्जी पाए गए थे। जांच के दौरान इस पूरे मामले का बड़ा खुलासा हुआ है।
विदेश के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा पास करनी होती है। भारत में कई ऐसे मेडिकल छात्र मौजूद हैं जो एफएमजी परीक्षा पास किये बिना फर्जी तरीके से विदेश के मेडिकल काॅलेजों में नामांकन ले लिया।
इसके बाद विदेशों से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री लेकर बिना मानकों को पूरा किये यहां मेडिकर काउंसिल से प्रैक्टिस करने का लाइसेंस भी ले लिया है। जांच में फर्जी पाए गए ऐसे ही 73 मेडिकल छात्र जो बाहर से फर्जी तरीके से मेडिकल की डिग्री लेकर आए हैं, उनके ठिकानों पर कार्रवाई हो रही है।
सीबीआई की इस बड़ी कार्रवाई से खलबली मची है। सीबीआई ने फर्जी सर्टिफिकेट की बदौलत डिग्री लेकर आने वाले 73 छात्रों और इनका यहां आकर निबंधन कराने में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले नेशनल मेडिकल काउंसिल समेत अलग-अलग राज्यों के चौदह मेडिकल काउंसिलों में तैनात कई स्तर के कर्मियों की मिलीभगत भी उजागर की है। इस मामले को लेकर देश के 91 स्थानों पर एक साथ छापेमारी चल रही है।
इसमें बिहार के पटना, मुंगेर, दरभंगा, भागलपुर, चंपारण, बेगूसराय, हाजीपुर, वैशाली और नालंदा समेत अन्य स्थानों पर भी रेड चल रही है। पटना के राजेंद्र नगर रोड नं-11-डी स्थित बिहार मेडिकल काउंसिल के कार्यालय और इसमें कार्यरत कुछ कर्मियों के यहां भी रेड चल रही है। बिहार में जिन-जिन स्थानों पर छापेमारी हो रही है, उसमें कई छात्रों के ठिकाने भी शामिल हैं।
बिहार मेडिकल काउंसिल ने फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर विदेशों से डिग्री लेकर आये इन छात्रों का निबंधन अपने यहां कर लिया, ताकि ये यहां प्रैक्टिस कर सके। इन 73 छात्रों में 19 छात्र बिहार के हैं। इन्होंने बिहार मेडिकल काउंसिल से निबंधन कराया था। ये सभी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस की तरफ से आयोजित फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एक्जाम (एफएमजीई) की परीक्षा में फेल हो गये।
अधिकारियों ने जानकारी देते बताया है कि सीबीआई ने देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 91 स्थानों पर तलाशी ली है, जिन्हें अनिवार्य परीक्षा पास किए बिना भारत में अभ्यास करने की अनुमति दी गई थी।सीबीआई ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
इससे पहले एजेंसी ने 14 राज्य चिकित्सा परिषदों और 73 विदेशी चिकित्सा स्नातकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिन्हें अनिवार्य विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) उत्तीर्ण किए बिना भारत में चिकित्सा का अभ्यास करने की अनुमति दी गई थी।







