



बदमाश तो हम उसी दिन बन गये थे, जिस दिन पापा जी ने कहा था, बेटा पिट के मत आइयो बाकी सब कुछ हम देख लेगे मगर हालात यही शहर का यहां बाइकर्स गैंग की खूब चलती है और पुलिस उसके पीछे रहती है। चाहे कोई एसएसपी आएं अधिकारी आएं तोप चलाएं,गोली मारने वाले एनकाउंटर स्पेस्टलिस्ट ही क्यों ना हों इन बाइकर्स गैंग का कभी कुछ नहीं बिगाड़ा।
दरभंगा क्या देश की राजधानी में कभी अकेले निकलिएगा भी मत इन बाइकर्स गैंग के लोग आपको छोड़ेंगे नहीं। अभी हाल में ही अस्पताल से अपने पिता के साथ दिल्ली की एक लड़की देर रात घर लौट रही थी ठीक घर के बाहर ही उसी मोहल्ले के कुछ लंफगों ने लड़की को छेड़ा।
पिता उसे घर छोड़कर वापस उन लंफगों को समझाने लगे हद तो यह उन लंफगों के परिजन घर से चाकू लाकर दिया और कहा बेटा मार डालो और उस पिता की वहीं हत्या हो गई।बचाने पहुंचे किशोर पुत्र को इन दरिंदों ने जमकर पीटा। मगर पुलिस है कि समझती नहीं वर्दी का रौब झाड़ती है नहीं तो ऐसी हजामत करती, कहती, ऐसा हाल करूंगा ना तेरी मर्दों में गिनती होगी ना हिजड़ो में भरती होगी। मगर क्या कीजिएगा साहेब यह देश ही ऐसा है खासकर दरभंगा तो मतलब पूछिए ही मत, हालात यही है, हमारा शौक तो तलवार रखने का है बन्दूक के लिए तो बच्चे भी ज़िद करते हैं।





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