
खबर भागलपुर से है, जहां एम-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा समेत सात लोगों को एक साल की सजा सुनाई है। कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा समेत सात लोगों पर साल 2020 के विधानसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान चुनाव कार्य में बाधा डालने का आरोप है।
बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह की कोर्ट ने सभी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।विशेष जज ने सजा सुनाने के बाद कांग्रेस विधायक समेत सभी सात अभियुक्तों को प्रोविजनल बेल दे दी। इस दौरान कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा समेत सभी सात अभियुक्त कोर्ट में मौजूद रहे।
जिन सात लोगों को कोर्ट ने दोषी पाया है उनमें कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा के अलावा मो.रियाजउल्ला अंसारी, मो.शफकतउल्ला, मो. नियाजउल्ला उर्फ आजाद, मो. मंजरउद्दीन उर्फ चुन्ना, मो. नियाजउद्दीन और मो. इरफान खान उर्फ सिंटू शामिल हैं।
बिहार कांग्रेस के विधायक दल के नेता अजीत शर्मा समेत सात लोगों को एक साल की सजा सुनाई गई है। अजीत शर्मा समेत इन सातों लोगों पर 2020 के बिहार विधान सभा चुनाव में में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप है।
विशेष न्यायाधीश ने धारा 341 में 15 दिन और धारा 353 के तहत एक-एक साल की सजा और एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। उक्त सजा में डिफाल्ट होने पर विधायक समेत अन्य अभियुक्तों को तीन हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में सजा बाद बांड भराने की कवायद पूरी कर मुक्त कर दिया गया।
बता दें कि तीन नवंबर 2020 को विधानसभा चुनाव के दौरान भीखनपुर के पास चलंत मतदान केंद्र के दंडाधिकारी, पुलिस पार्टी को नगर विधायक और तब प्रत्याशी रहे अजीत शर्मा ने अपने समर्थकों को साथ घेराबंदी कर ली थी। इस मामले में दंडाधिकारी बाल्मीकि कुमार ने अजीत शर्मा समेत कई अज्ञात के विरुद्ध इशाकचक थाने में केसदर्जकरायाथा।
कोर्ट ने इस मामले में कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा समेत जिन सात लोगों को सजा सुनाया है उसमें मो.रियाजउल्ला अंसारी, मो.शफकतउल्ला, मो. नियाजउल्ला उर्फ आजाद, मो. मंजरउद्दीन उर्फ चुन्ना, मो. नियाजउद्दीन और मो. इरफान खान उर्फ सिंटू का नाम शामिल है।
सभी को धारा 341 के तहत 15 दिन और धारा 353 के तहत एक-एक साल सजा के साथ एक हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि सजा सुनाने के बाद कोर्ट ने सभी को प्रोविजनल बेल दे दी है। इस को लेकर बीते दिन बुधवार को MP-MLA कोर्ट ने फैसला दिया। विशेष न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह ने इन सभी को दोषी मनाते हुए सजा का ऐलान किया। हालांकि सभी को प्रोविजनल बेल को दे दिया गया है।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भागलपुर के भीखनपुर में एक मतदान केंद्र बनाया गया था। जहां 3 नवंबर 2020 को यहां इस मतदान केंद्र पर वोटिंग हो रही थी। इसी दौरान विधायक अजीत शर्मा अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र को घेर लिया था। इसे लेकर उस समय दंडाधिकारी बाल्मीकि कुमार ने अजीत शर्मा समेत कई ओर लोगों पर मामला दर्ज कराया था। इसी को लेकर अब फैसला सामने आया है।






