
बिहार में आंतकी ट्रेनिग की जांचों के बीच लगातार यूरेनियम का मिलना चिंताजनक है। कभी भारत नेपाल सीमा से परमाणु बम में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम के साथ पंद्रह तस्करों को गिरफ्तार किया जाता है। कई संदिग्ध सामान भी जब्त होते हैं। हद यह, इस खेप को भारत में पहुंचाने के लिए पकड़े गए युवाओं को बड़ी रकम दी जाती है। इस गिरफ्तारी के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और एसएसबी के जवान सक्रिय हो गए हैं। ताजा मामला पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र का है। यहां,यूरेनियम की एक किलो 900 ग्राम की खेप के दो झोले को पुलिस ने बरामद किया है। पढ़िए पूरी खबर
यह पूरा मामला पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के ओल्ड बाईपास इलाके का है। दरअसल इस गिरोह पर बिहार एटीएस पहले से ही अपनी नजर जमा रखी थी। पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली कि पूर्णिया और नेपाल सहित पटना के कुछ युवक दुर्लभ रेडियशन वाली वस्तु यूरेनियम की बिक्री करने की फिराक में जुटे हुए है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ओल्ड बाईपास इलाके से इन सभी को ग्राहक का इंतजार करते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दैरान इन लोगों के पास मौजूद काले रंग की बैग से कुल एक किलो 900 ग्राम यूरेनियम की खेप बरामद हुई।
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस ने संगदिग्ध बैग को जप्त कर बरामद संगदिग्ध वस्तु की जाँच शुरू कर दी गई है। फिलहाल इस जप्त संगदिग्ध वस्तु को एफएसएल जांच के लिए भेजी जा रही है इसके साथ ही संगदिग्ध वस्तु के साथ पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्यवाई में जुट गई है ।
इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों काले बैग के ऊपर युरेनिगम गार्ड लिखा हुआ है। जिसका निर्माण 03.06.17 को किया गया है। इसकी एक्सपायरी इस बैग में 28.10.2024 और मेड इन यूएसए लिखा हुआ पाया गया है। यह पूरी कार्यवाई बिहार ATS के इनपुट पर पत्रकार नगर थाने की पुलिस ने की है।
इससे पहले भी गत जुलाई में यूरेनियम तस्कर अररिया जिले के जोगबनी बॉर्डर से भारत में घुसने की तैयारी करते धराए थे। लेकिन उससे पहले ही अलग अलग होटलों से 2 किलो यूरेनियम के साथ 15 लोगों को नेपाल के विराटनगर से गिरफ्तार किया गया था। जब्त यूरेनियम की कीमत करोड़ों में बताई गई थी। आखिर सवाल यह यूरेनियम की तस्करी कैसे और कौन कर रहा है, बड़ा सवाल और जांच का विषय है।







