
सोलह साल बाद बिहार बोर्ड परीक्षा (Bihar Board Exam 2023) ने बड़ा फैसला किया है। बिहार के नौ हजार से अधिक स्कूलों के कोड बदल दिए हैं। इससे बिहार बोर्ड से संबद्ध 9200 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक (9वीं से 12वीं तक) स्कूलों के कोड बदले गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बिहार बोर्ड परीक्षा 2023 शुरू होने से पहले बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड की तरफ से 16 साल बाद 9वीं से 12वीं तक के सभी स्कूलों को नया कोर्ड जारी कर दिया है। बिहार बोर्ड ने अंतिम बार वर्ष 2007 में जब इंटर को माध्यमिक से अलग किया गया था, तब सभी इंटर स्कूलों को नया कोर्ड दिया गया था।
बोर्ड की तरफ से स्कूलों को दस दिन का समय दिया गया है। ताकि, अगर डाटा में कोई गड़बड़ी हो तो उसे सुधार लिया जाए। इसके तहत बड़ी संख्या में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों का कोड बदला गया है। स्टूडेंट्स, शिक्षकों और अभिभावकों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए। लगभग सोलह साल के बाद राज्यभर के नौवीं और बारहवीं के कुल 9200 स्कूलों को ग्यारह अंकों का नया कोड दिया गया है। यह कोड माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों को मिला है। इससे पहले साल 2007 में स्कूलों को 10 अंकों का कोड मिला था।
साल 2007 में इंटर को माध्यमिक से अलग किया गया था। उस समय स्कूलों को नए कोड दिए गए थे। अब सोलह सालों बाद फिर से स्कूलों का कोड बदला गया है। जहां, पुराने कोड दस अंकों के थे, वहीं नए कोड में एक अंक बढ़ाकर उन्हें ग्यारह अंकों का कर दिया गया है।
स्कूलों के नए कोड में अंकों के साथ-साथ अंग्रेजी के अल्फाबेट को शामिल किया गया है। इस कोड से अब स्कूलों की सारी गतिविधियों को ऑनलाइन देखा जा सकता है। किस स्कूल के पास कितनी मूलभूत सुविधाएं हैं, कितने छात्र- छात्राएं हैं, ऐसी तमाम जानकारियां एक क्लिक में बोर्ड के पास उपलब्ध हो जाएगी। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड इसके जरिए राज्यभर के स्कूलों पर एक साथ नजर रख सकेगा।
बिहार बोर्ड से संबद्ध 9200 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक (9वीं से 12वीं तक) स्कूलों के कोड बदले गए हैं। बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने नए स्कूल कोड ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.gov.in पर अपलोड कर दिए हैं। वेबसाइट पर बीएसईबी न्यू कोड लिंक को एक्सेस कर नए कोड चेक किए जा सकते हैं। अब स्कूलों की सभी गतिविधियां और बोर्ड की ओर से प्रक्रियाएं कोड 11 से दी जाएंगी।
बिहार बोर्ड स्कूल कोड के जरिए स्कूलों की सभी गतिविधियों को ऑनलाइन मॉनिटर किया जा सकेगा। स्कूल के नए कोड में अंग्रेजी अल्फाबेट और नंबर जोड़े गए हैं। इसके जरिए यह भी जानकारी मिल जाएगी कि किसी स्कूल में कितने स्टूडेंट्स हैं व उन्हें क्या मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं।






