



संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो प्रमुख। मधुबनी जिले के पुलिस महकमे में कर्मियों का कागज पर ही अन्य जिले के लिए तबादला व विरमित के बाद तिलिस्म के सहारे फिर सभी कर्मियों का जिला में ही अलग अलग जगहों पर पदस्थापन कर देने का एक ऐसा मामला सामने आया है कि पटना मुख्यालय का हाकिम भी चकरा जाएंगें।
तबादले से लेकर पदस्थापन का यह नायाब खेल मिथिला क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक व मधुबनी जिला पुलिस कप्तान के मेल से हुआ है। वहीं, एडीजीपी मुख्यालय की ओर से एक नहीं कई आदेश पारित हैं कि जिन पुलिसकर्मियों की जिलावधि या क्षेत्रावधि पूरी हो गयी है उसका शीघ्र दूसरे जिले में तबादला कर मुख्यालय को भी सूचित किया जाय।
इस जगह मजेदार पहलू यह है
कि मधुबनी जिलादेश संख्या 165/22 के जरिये 5 फरवरी 22 को खुद एसएसपी ने दरभंगा व समस्तीपुर के लिए तबादला किये उन सभी 51 पुलिसकर्मियों की सूची भी जारी की है। जिसे, कागज पर जिलादेश संख्या 60/22 की ओर से विरमित किया गया है।
साथ ही इसी पत्र में यह भी स्पष्ट उल्लेख है कि ऐसे पुलिसकर्मी दरभंगा व समस्तीपुर न जाकर जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे मधुबनी में ही डटे रह गए जबकि सभी की क्षेत्रावधि व जिलावधि कब की पूरी हो चुकी है।आज तक सभी यहीं टिके हुए हैं।
यहां यह भी उल्लेखनीय है
कि मिथिला क्षेत्र आदेश संख्या 109/21 ज्ञापांक 1447 सा.शा. तिथि 5.8.21 एवं क्षेत्र आदेश संख्या 183 /21 ज्ञापांक 2649 सा0शा0 तिथि 10.12.21 तथा प्रक्षेत्र के आदेश के आलोक में ही मधुबनी जिला बल से उक्त पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया था।
इतना ही नहीं,
दिलचस्प पहलू यहां यह भी है कि अपने आदेश संख्या 3057 सा0शा0 दिनांक 7.11.22 के जरिये मधुबनी एसपी को लिखे पत्र में पुलिस महानिरीक्षक, मिथिला क्षेत्र ने स्वीकार किया है कि मधुबनी पुलिस जिला बल से दूसरे जिले के लिए स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को उनकी विरमित तिथि से ही मधुबनी जिला में ही सामंजन कर लिया गया है।
यानी कि, जिन पुलिसकर्मियों का दूसरे जिले के लिए तबादला हुआ था वे सभी के सभी भौतिक रूप से पदस्थापन जगहों पर गए ही नहीं। अपने इसी पत्र में आईजी ने मधुबनी एसपी को निर्देश भी दिया है कि मिथिला क्षेत्रादेश संख्या 109/21, 183/21 तथा 204/21 के माध्यम से तबादला किये गए पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित जिले के लिए भौतिक रूप से विरमित करना सुनिश्चित करें।
यानी जो पुलिसकर्मी तबादले के बावजूद मधुबनी में ही डेरा डाले हुए हैं उन्हें वहां से हटाते हुए विरमित करें लेकिन जिनके ताज्जुब होगा कि उक्त स्थानांतरित पुलिस बल पर अभी तक कोई असर नहीं हुआ है।
अब सवाल यहां यह भी है
कि मुख्यालय एडीजीपी व आईजी मिथिला क्षेत्र के आदेश के बावजूद मधुबनी एसएसपी तबादला कर चुके पुलिसकर्मियों को भौतिक रूप से विरमित क्यों नहीं कर रहे हैं? अगर मधुबनी एसएसपी मनमानी कर रहे हैं तो आईजी ने उनके खिलाफ कौन सी कार्रवाई कर दी है?
जानकर तो यहां तक कहते हैं
कि एडीजीपी को उनके आदेश तामिला को लेकर लिखे पत्र में मधुबनी एसपी ने बड़ी चतुराई से इस भौतिक विरमिति को छिपा लिया है। इतना ही नहीं, विभागीय लोगो का तो यह भी कहना है कि इस पूरे खेल में आईजी व एसएसपी दोनों का मेल है।


