
संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। मुजफ्फरपुर जिला के अहियापुर थाना अंतर्गत संगमघाट के निकट गुरुवार की देर रात हुई मनीष की हत्या के मामले में परिजनों के फर्दबयान पर थाने में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई हैं।
इस मामले में अहियापुर पुलिस को बारीकी से अनुसंधान करने की जरूरत है। ऐसे में, मनीष की हत्या लूटपाट के कारण हुई हैं या सुनियोजित ढ़ग से उसकी हत्या की गई हैं। यह एक गंभीर प्रश्न हैं।
एक तरफ गौर करें तो तो उसके सिर और पैर में अपराधियों ने गोली मारी हैं। सिर में गोली मारने के मामले में ऐसा प्रतीत हो रहा हैं कि मनीष के प्रति अपराधियों का गुस्सा चरम पर रहा होगा या जातीय दुश्मनी रही होगी?
क्योंकि सिर पर गोली मारना गंभीर क्रूरता के लक्षण हैं। वहीं, दूसरे कारणों पर गौर करें तो ऐसा भी हो सकता है कि मनीष सीतामढ़ी से आ रहा था। इसी बीच अज्ञात अपराधियों ने उसे रोककर लूटने का प्रयास किया होगा, जिसका विरोध मनीष कड़े अंदाज में किया। इस कारण अपराधियों ने उसके सिर और पेट में गोली मार दी।
एक पहलू यह भी हैं कि पुलिस ने घटनास्थल से हेलमेट बरामद किया हैं। और, उसकी मोटरसाइकिल गायब है। अगर सोच विचारकर प्लानिंग के तहत कोई अपराधी जान मारने की नीयत से गोली मारता तो फिर उसकी मोटरसाइकिल नहीं ले जाता। इसीलिये प्रथम दृश्यां यह घटना लूट का प्रतीत होता हैं।
इधर, परिजनों का कहना हैं कि मनीष की हत्या एक प्लान मर्डर हैं? परिजन बताते हैं कि मनीष एक दवा कंपनी का एबीएम था। और, उसकी प्रोन्नति को लेकर मेडिकल रिप्रजेंटिव उसको पूर्व में धमकी भी दिया करता था।
इस मामले में परिजन किसी मिश्रा का भी नाम बता रहें हैं जो इसी कंपनी में कार्यरत हैं। परिजनों का आरोप हैं कि किसी प्रशांत मिश्रा के इशारे पर विपिन कुमार गौतम ने इस घटना को अंजाम दिया हैं?
अब सवाल उठता हैं कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में पुलिस को बारीकी से जांच करना आवश्यक हैं, ताकि निर्दोष कोई भी फंसे नहीं और अपराधी बचकर भाग ना पाएं। हत्या जैसे गंभीर मामलों में पुलिस को मुस्तैद होकर अनुसंधान और पर्यवेक्षण की जरूरत हैं। अहियापुर थाना पुलिस का कहना हैं कि इस मामले में पुलिस गंभीर हैं और तत्परता से अनुसंधान कर रही हैं।
इधर, मनीष की हत्या करने के बाद जिस मोटरसाइकिल को अपराधियों ने लूटा हैं उसका नंबर एचआर -51सीबी 8298 बताया जा रहा हैं। इसी मोटरसाइकिल से वह सीतामढ़ी गया था। और, लौटने के क्रम में हत्या कर दी गई। और, मोटरसाइकिल वहां गायब पाया गया।
जबकि हेलमेट को पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया हैं। अगर मोटरसाइकिल की बरामदगी होती हैं तो हत्यारों का पता चल जाएगा। डीएसपी राघव दयाल ने कहा कि घटनास्थल पर खुद जाकर जायजा लिया हूं। उन्होंने कहा कि कई लोगों से पूछताछ भी की गई हैं।
उन्होंने कहा हैं कि ऐसा भी हो सकता हैं कि प्लान मर्डर हो और लूट की घटना को अंजाम देकर पुलिस को दिग्भ्रमित किया हो। उन्होंने कहा कि सभी एंगल से पुलिस जांच कर रही हैं।
नगर डीएसपी श्री राघव ने कहा कि परिजनों को कुछ दवा कंपनी के लोगों पर शक हैं। इसे लेकर सबों से पूछताछ की जाएगी। यही नहीं, सीतामढ़ी जिले में हुई मीटिंग के दौरान कौन-कौन एमआर मौजूद थे। उसका मोबाइल नंबर लेकर तकनीकी जांच किया जाएगा। मनीष समस्तीपुर जिला अंतर्गत रोसड़ा थाना क्षेत्र के पवड़ा गांव निवासी हैं।







