

आर्केस्टा की आड़ में देह व्यापार के काले खेल का मोतिहारी कनेक्शन कोई नया नहीं है। इससे पहले भी यहां गत जनवरी में तुरकौलिया थाना के महनवा बाजार में पांच नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया था। इनमें चार असम की थी। वहीं, दिल्ली से आए स्वयंसेवी संस्थाओं के दो सदस्यों के प्रयास से इस काले खेल का खुलासा हो सका।
मगर, ताजा मामला जिले के कोटवा थाना क्षेत्र का है जहां आर्केस्ट्रा की आड़ में चल रहे देह व्यापार का खुलासा हुआ है। वहीं, दस लड़कियों का रेस्क्यू किया गया है। सभी लड़कियां नेपाल, प.बंगाल व असम की रहने वाली हैं। इस दौरान दो आर्केस्ट्रा संचालकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस बार बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) दिल्ली की भूमिका सराहनीय रही। पढ़िए पूरी खबर
इससे पहले जनवरी में जिन पांच नाबालिग लड़कियों को चंगुल से छुड़ाया गया है उनमें चार असम की ही रहने वाली थी। इस काले खेल में संलिप्त तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वैसे, छापेमारी के दौरान अंधेरे का लाभ लेकर दो कारोबारी फरार हो गए थे।
यह भी कहा गया था कि इस दौरान लड़कियों के साथ पुलिस ने दुव्यर्वहार भी किया और इस काले खेल में तुरकौलिया थाना पुलिस की पूरी संलिप्तता है। यही कारण रही कि प्राथमिकी दर्ज करने मे देरी की गई थी। मगर इस बार क्या हुआ पढ़िए
मगर ताजा मामला यह है कि जिले के कोटवा थाना क्षेत्र में आर्केस्ट्रा संचालन की आड़ में चल रहे देह व्यापार के घिनौने खेल का खुलासा हुआ है। यह जानकारी कोटवा पुलिस ने दी। बताया कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) दिल्ली की टीम की ओर से सूचना प्राप्त हुआ कि थाना क्षेत्र में संचालित आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग लड़कियों से देह व्यापार का घिनौना कार्य कराया जा रहा है।
इस सूचना के बाद कोटवा पुलिस की टीम ने दीपऊ और राजापुर मठिया स्थित तीन आर्केस्ट्रा संचालक के यहां छापेमारी की गई। जहां से 10 युवतियों का रेस्क्यू किया गया। जिसमे कुछ नाबालिग भी है।
इस दौरान दो आर्केस्ट्रा संचालक को भी हिरासत में लिया गया है। बताया कि रेस्क्यू किये गये सभी लड़कियां पश्चिम बंगाल,नेपाल और असम की रहने वाली है। हिरासत में लिए आर्केस्ट्रा संचालक से पूछताछ की जा रही है।वही रेस्क्यू किये गये लड़कियो को आवश्यक कारवाई के बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सौपा जाएगा।

