

दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। कुशेश्वरस्थान थाना से शराब और खादी का कनेक्शन बहुत कुछ कहता है। छह मई को शराब माफिया पर कार्रवाई के बाद एक से बढ़कर एक बातें सामने आने लगी है।
गुप्त सूचना पर कुशेश्वरस्थान पुलिस ने बिहार के सीनियर नेता महेश्वर हजारी एवं विधायक अमन भूषण हजारी के अपने चचेरे भाई प्रकाश भूषण हजारी के पानी प्लांट से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की थी। इसमें कुशेश्वरस्थान थाना में चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शराब मामले में प्राथमिकी दर्ज होना कोई नई बात नहीं है। पर, यहां हुई प्राथमिकी में खादी कनेक्शन सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इस शराब के कारोबार में जदयू के बड़े नेता के चचेरे भाई प्रकाश की संलिप्ता तो है ही। साथ ही, हाल ही में नगर निकाय चुनाव के कुछ प्रतिनिधियों और उनके संबंधियों की भी संलिप्तता सामने आई है।
जब लोगों को इस बात की जानकारी मिली तो यहां चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर कुशेश्वरस्थान में यह खादी का शराब कनेक्शन है क्या? नेता के ही परिवार के लोग आखिर क्यों इस शराब के अवैध खेल में संलिप्त पाए जा रहे हैं। जो जनता की ओर से चुने गए प्रतिनिधि हैं, उनके ही रिश्तेदार जनता के बीच शराब पहुंचाने का काम क्यों कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधि का दायित्व होता है कि जनता जिस काम के लिए उसे चुना है उस पर खड़ा उतरे। जहां सफेद खादी वालों को बिहार में शराबबंदी का समर्थन करना चाहिए पर यहां ठीक उसका उल्टा हो रहा है। जनप्रतिनिधियों के ही रिश्तेदार शराबबंदी कानून को अंगूठा दिखा शराब के अवैध धंधे में संलिप्त हैं।
अब लोगों की यही मांग है कि सफेदपोशों पर उचित और जल्द कार्रवाई हो। बड़ी कार्रवाई हो जिससे आवाम में यह भरोसा जगा रहे कि सूबे के मुखिया जो कहते हैं करते हैं। नहीं तो विपक्ष पूछेगा ही… बिहार में अगर कानून का राज है तो क्या कानून के इस राज में जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार पर कार्रवाई होगी अगर होगी कहां तक उचित कार्रवाई करेंगे।



