

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। थाना क्षेत्र के रुपनगर गांव में 27 दिन पूर्व दहेज के दरिंदों ने विवाहिता की हत्या कर उसे दफना दिया।
अब इस मामले में वादी के अधिवक्ता की ओर से किये मांग पर न्यायालय ने सभी प्रकार के वैज्ञानिक अनुसंधान पांच दिनों में पूरा कर प्रतिवेदन देने का आदेश पुलिस को दिया है।
न्यायालय के आदेश के आलोक में सोमवार को बिरौल पुलिस ने दंडाधिकारी की उपस्थिति में रुपनगर स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गई मृतिका फैज मोहम्मद की पुत्री अफसाना परवीन की लाश को बाहर निकाल कर उसे पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है।
वादी पक्ष में अधिवक्ता नटवर कुमार मिश्र ने बताया कि बिरौल थाना के सुपौल शैखपुरा निवासी फैज मोहम्मद की पुत्री अफसाना परवीन की शादी 11 मार्च 2021को रुपनगर निवासी मो.लाल के पुत्र मो. इजहार से संपन्न हुआ था।
इसके बाद से लड़का पक्ष की ओर से लड़की एवं उसके परिजनों को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। दहेज नहीं मिलने पर अफसाना के ससुराल वालों ने 27 मार्च 2023 को उसकी हत्या कर दफना दिया।
इधर दहेज चुकाने के लिए बेंगलुरु में मजदूरी कर रहे फैज मोहम्मद को पुत्री की हत्या की सूचना मिली। उन्होंने पुत्री के ससुराल पहुंच कर मामले की पुरी जानकारी प्राप्त करने के बाद उसने थाना में पुत्री की हत्या ससुराल वालों की ओर से कर दिये जाने से संबंधित आवेदन दिया।
पुलिस ने कांड संख्या 143/23 दिनांक 5 अप्रैल 23 धारा 304 (B), 201,34 आईपीसी मे दर्ज किया। इसमें दामाद मो. इजहार, समधी मो.लाल तथा समधिन सैरुन खातुन को आरोपी बनाया गया।
इधर, वादी के अधिवक्ता श्री मिश्र की ओर से एसीजेएम प्रथम पंकज वर्मा के न्यायालय में याचिका दायर कर दफनाए गये अफसाना की लाश को अविलंब पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
इसमें न्यायालय ने 18 अप्रैल 23 को सभी प्रकार के वैज्ञानिक अनुसंधान पूरा कर पांच दिनों के अंदर प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश पुलिस को दिया था।
इधर, पुनि सह थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा ने बताया कि न्यायालय के आदेश उपरांत जिलाधिकारी की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह बीडीओ की उपस्थिति में यह कार्रवाई की गई है।


