back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 12, 2026
spot_img

ये सोचना ग़लत है के’ तुम पर नज़र नहीं, मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बेख़बर नहीं

spot_img
- Advertisement - Advertisement

सरकारी योजनाओं में लूट-खसोट में अधिकारी जुटे हैं। मगर जानते नहीं, हिंदुस्तान की संपत्ति सरकार की संपत्ति है, इसे जो खाएगा ज्यादा जिंदा रहेगा ऐसा नहीं है। देश से भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे नेता जल्दी इसलिए चले गए, क्योंकि इन्होंने देश की जनता का कुछ खाया नहीं, जिन्होंने खाया, वे अभी भी नेता हैं। हालात हर सरकारी योजनाओं में यही है। बिना रिश्वत के कहीं भी लाभुक को कुछ नहीं मिलता। ऐसे में, ये सोचना ग़लत है के’ तुम पर नज़र नहीं, मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बेख़बर नहीं।

- Advertisement -

ये सोचना ग़लत है के' तुम पर नज़र नहीं, मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बेख़बर नहीं

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi: मिहिर का फिर जागा तुलसी के लिए प्यार, क्या नयना बनेगी कबाब में हड्डी?

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi News: टेलीविजन के सबसे आइकॉनिक शोज में से...

Swapan Shastra: स्वप्न में भोजन करना – सुख-समृद्धि का द्वार या नया संकेत?

Swapan Shastra: भारतीय ज्योतिष और आध्यात्मिक परंपराओं में स्वप्नों को केवल निद्रावस्था की उपज...

एक्स प्रीमियम पर 50% की बंपर छूट: क्या है यह खास मौका?

X Premium: सोशल मीडिया की दुनिया में प्रीमियम सब्सक्रिप्शन का चलन तेजी से बढ़...

Bihar Electricity Bill: बिहार बिजली बिल की GOOD NEWS… उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत? सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

Bihar Electricity Bill: सूबे की सियासत में जब बिजली के तारों पर उम्मीद की...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें