



दरभंगा, देशज टाइम्स। वोट डालने चलो रे साथी, लोकतंत्र के बनो बाराती एक वोट से करो बदलाव नेताजी के बदलो हाव-भाव सही उम्मीदवार का करो चुनाव, बेईमानों को मत दो भाव यही तरीका है लोकतंत्र को जिंदा रखने का मगर इस देश में क्या हो रहा है। राजनीति ने आका-नेताओं को क्या-क्या सिखा दिया बड़े-बड़े से नेता को भी जनता के क़दमों पर झुका दिया यही वजह है अब पत्रकारिता बिक रही है।
एग्जिट पोल खरीदे जा रहे हैं। देश को बरगलाया जा रहा है। जनता को गुमराह किया जा रहा है। इसके नाम पर उन्माद फैलाए जा रहे हैं। राजनीति का रंग भी बड़ा अजीब होता है वही दुश्मन बनता है जो सबसे करीब होता है। बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो मजबूरियों को मत कोसो हर हाल में चलना सीखो। देश आज उस रास्ते चल पड़ा है जहां येन-केन प्रकारेण मरियल सी जनता को मीठे वादों का जूस पिलाने दो। बस एक बार, बस एक बार मुझको सरकार बनाने दो। हालात यही इस एग्जिट पोल की यही देन है, सरकार पर विपक्ष एग्जिट में धन खर्च करने का आरोप लगाता है वहीं सरकार दिल्ली के सबसे बड़े स्टारर होटल में जश्न मनाती मिलती है।
कारण, इस सरकार की नीति ही यही है, जो बुढ्ढे खूसट नेता हैं उनको खड्डे में जाने दो बस एक बार, बस एक बार मुझको सरकार बनाने दो। कांग्रेस को मारो गोली, भाजपा-बसपा, तृणमुल की करो बूथ से निकालने की तैयारी अबकी बार मेरे भाषण के डंडे से भागेगा भूत गरीबी का मेरे वक्तव्य सुनें तो झगडा मिटे मियां और बीवी का।







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