



दरभंगा, देशज टाइम्स। पीएम नरेंद्र मोदी ने सपना दिखाया देश स्वच्छ होगा। मतवालों की टोली निकली, सुंदर चमन बनाने को चम चम करता स्वच्छ दमकता, अपना वतन बनाने को। मगर हश्र देखिए, ना देश स्वच्छ हो सका ना दरभंगा। हां इतना भर जरूर हो गया स्वच्छता के नाम पर झाडू पकड़ने की होड़ लगी और वह फैशन हो गया।
गंदगी धोने में थोड़ा हाथ मैला हो गया पर, मेरा पानी से रिश्ता और गहरा हो गया। कैसे इनको समझाएं हम, क्या रह गया बताने को चलो साथियो निकलें अब, भारत को स्वच्छ बनाने को। यकीकत यही है, दरभंगा की गलियों में गंदगी ही गंदगी है। खेड़िया सरकार की मौज है। अब अविश्वास विश्वास प्रस्ताव का दौर आने ही वाला होगा जब लोकसभा चुनाव बाद सभी पार्षद एकबार फिर जेबें गरम करेंगे। बस, यही हकीकत है,ये अंधेरा ही न होता तो बताओ फिर मुझे क्या पता चलता कि जीवन में सवेरा हो गया। ऐसे में, वो किसी की पीर या दुख-दर्द आखिर क्या सुने कान वाला होके जो इंसान बहरा हो गया।





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