



दरभंगा, देशज टाइम्स। कलमकार हूँ ,मैं सच ही लिखता हूँ, तुम मेरी बातों का बुरा मानना छोड़ दो। सच लिखने से पहले इजाज़त लूंगा तुमसे, तुम ये ग़लतफहमियां पालना छोड़ दो । क्या बिक जाऊंगा चंद सोने के सिक्कों में , अरे छोड़ो तुम मेरी कीमत आंकना छोड़ दो । ठीक है कभी …शराब में टुन्न रहता हूं कभी अपनी गाड़ी से शराब की खेप भी आरपार करवा देता हूं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं पत्रकार नहीं। मगर हकीकत यही, इन दिनों प्रेस लिखी हुई कई गाड़ियों से शराब बरामद की जा रही है। हाल ही में मनीगाछी थाना क्षेत्र में यह बरामदगी हुई है। बताया जाता है कि इसके पहले बहादुरपुर थाना और सिमरी थाना पुलिस ने भी प्रेस लिखी कार पर शराब बरामद की गई थी। यूं तो जिले में इन दिनों प्रेस लिखे दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों की बाढ़ सी आ गई है। बिना आधिकारिक स्वीकृति के प्रेस बाइक या कार पर लिखवा कर घूमना कानूनी रूप से अवैध है।
बावजूद इसके प्रशासन की ओर से लगाम लगाने की ठोस पहल नहीं किए जाने के कारण इसका बड़ा दुरुपयोग हो रहा है। खुद को बड़े चैनल के रिपोर्टर के रूप में प्रचारित कर इस तरह के रिपोर्टर सरकारी कार्यालयों व थानों में घूमते नजर आते हैं। इससे दो साल पूर्व पीएनबी कैश वैन में सैड़कों कार्टन शराब बरामद कर बेंता ओपी पुलिस को सौंपा गया था। यह कम उम्र के लड़के पॉकेट खर्जा और बाइक-स्कूटी में तेल की खातिर शराब के कैरियर बनकर सप्लाई करते हैं। हालात यही, इतनी पी जाए कि मिट जाए मैं और तू की तमीज़, यानी ये होश की दीवार गिरा दी जाए।




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