



देशज टाइम्स। नाती-पोते खड़े रहेंगे जल, राशन की कतारों में, पानी पर से बिछेंगी लाशें, लाखों और हजारों में। नेता ने कहा कि जब जनता अपनी शक्ति नहीं जानती तो कोई भी उसे बेवकूफ ही बनाएगा। वोट देने से ही सब कुछ नहीं हो जाता सभी नागरिकों को चाहिए कि वे हर बात का जवाब मांगे।| नेता का घर एक कटघरा माने और अपने आप को वकील समझे। नेता सिर पर बैठने नहीं काम करने आता हैं वो सरकार का राजा नहीं बल्कि जनता का रंक हैं। जब जनता टोकेगी नहीं तब क्यूं नेता खुला चौर नहीं बनेगा। हर छोटी से बड़ी चीज में अपना योगदान दे अगर सफल देश की इच्छा हैं तो हर काम को अपना समझे।
भारत देश लोकतान्त्रिक हैं इसे जनता की ताकत की जरुरत हैं। सफाई अभियान हो या जन धन योजना या कोई भी अन्य कार्य सबका हिस्सा बने और सवाल करें। जवाब ना मिले तो बिना डरे शिकायत भी करें | जाने अनजाने घूस देकर भ्रष्ट्राचार का हिस्सा बने। मगर, सवाल यही रिश्ते-नाते पीछे होंगे, जल की होगी मारामारी, रुपयों में भी जल न मिलेगा, जल की होगी पहरेदारी। हनन करेंगे शक्तिशाली, नदियों के अधिकारों का, सारे जल पर कब्जा होगा, बाहुबली मक्कारों का। संवादाता को गुस्सा आया उसने जोर से चिल्लाया सत्ता में बैठे तुम हो घूस चारा खाते तुम हो सफेद धन काला तुमने बनाया फिर काहे को सर चकराया नेता ने करके बुलंद आवाज सत्ता में हम बैठे आज जनता ने हमको बैठाया हमने तो बस दिमाग घुमाया।




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