



दरभंगा, देशज टाइम्स। हंसता पानी रोता पानी मुझ को आवाज़ें देता था ऐसी प्यास और ऐसा सब्र दरिया पानी पानी है। हम इंतिज़ार करें हम को इतनी ताब नहीं पिला दो तुम हमें पानी अगर शराब नहीं। इस शहर में, दरभंगा में सरकार नाम की चीज नहीं है। डीएम साहेब हैं रोज पानी के लिए बैठक कर रहे हैं बहुत प्रयास कर रहे साहिब जी मगर हाकिम हैं पानी से दूर हैं। कहीं भी सही से पानी की व्यवस्था नहीं है।
वहीं, स्वास्थ्य व्यवस्था को जिला प्रशासन भी भगवान भरोसे छोड़ दिया है आखिर डॉक्टर हफ्ता जो पहुंचाते हैं नेता को उनके चमचे कों। यही वजह है, तेजप्रताप प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री हों या अपने को सर्वश्रेष्ठ को साबित करने वाले मोदी सरकार के मंत्री मंगल पांडेय या फिर सुशासन के कोई अफसर कोई अस्पतालों की सुधि लेने को तैयार नहीं है।
विपक्ष में थे हाहाकार मचाते थे अब सत्ता में हैं चैन में है। हालात यही है, रिश्ते-नाते पीछे होंगे, जल की होगी मारामारी,रुपयों में भी जल न मिलेगा, जल की होगी पहरेदारी। हनन करेंगे शक्तिशाली, नदियों के अधिकारों का, सारे जल पर कब्जा होगा, बाहुबली मक्कारों का। 







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