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फ़रवरी, 11, 2026

दादा कहिन ( Deshaj Times Cartoon )

काश पुलिस वालों के लिए यही भी सच होता…आप बदमाश हो तो हम बदमाशी में भी आपके बाप हैं

बदमाश तो हम उसी दिन बन गये थे, जिस दिन पापा जी ने कहा था, बेटा पिट के मत आइयो बाकी सब कुछ हम...

हद खेड़िया सरकार, वो किसी की पीर या दुख-दर्द क्या सुने, कान वाला होके जो इंसान बहरा हो गया

दरभंगा, देशज टाइम्स। पीएम नरेंद्र मोदी ने सपना दिखाया देश स्वच्छ होगा। मतवालों की टोली निकली, सुंदर चमन बनाने को चम चम करता स्वच्छ...

DTNEWSकोई नहीं जो ले दुर्घटनाओं की ज़िम्मेदारी,क्या पता कल किसकी हो हादसे में मरने की बारी

दरभंगा, देशज टाइम्स। ये आम दिन हैं, सड़क पर फ़ोन बजता है, सैंकड़ों वाहनों के बीच बातें करते हैं हम यूँ सड़क पर फ़ोन...

देखने सूरत गया था, आइना रोने लगा हालत हमारी देखकर…मुल्क भी हैरान है ऐसा मदारी देखकर

सरकार कहती है, मैट्रिक-इंटर परीक्षा मे खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षक व अफसर जबरन रिटायर होंगे लेकिन सिस्टम को सुधारने वाले ईमान पाएंगें। सरकारी...
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भगवान निवेदन तुम से है कुछ वोट मुझे भी दे देना बदले में मुझ से लड्डू, फल जो दिल भाए ले लेना

मैं साथ आपका हरदम दूंगा मरते दम तक नाम जपूंगा हर भाषण में मैं याद करूंगा नाम आपका अमर करूंगा मन्दिर के पास जो...

DESHAJ TIMES एक बार सही इन गलियों से निकल…ज़िन्दगी तब भी जीने लायक है …

ये आम दिन हैं सड़क पर फ़ोन बजता हैसैंकड़ों वाहनों के बीच बातें करते हैं हमजीवन के रंगों की बातें हैं दफ्तर के रंग...

DESHAJ TIMES यूँ सड़क पर, फ़ोन पर, अपने बीते हुए दिनों की बातें

यूँ सड़क पर फ़ोन पर अपने दिनों पर बातें करते हुए हम मान लेते हैं कि ज़िन्दगी अभी भी जीने लायक है अचानक आती...

जिसकी जितनी चादर होगी उतने पांव पसारेगा, मगर जिसका होगा शासन वो ही कमान संभालेगा

अब चुनाव नजदीक आने लगे हैंनेताजी हमारे भी दिखने लगे हैंनए खादी के कुर्ते सिलने लगे हैनेताजी गली गली सजने लगे हैंकोहनी तक करबद्ध...
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करो जतन हो जाए यह, सारा जग हैरान इस तरहा हो स्वच्छता, चमके दरभंगा के साथ हिंदुस्तान

अपना मानो देश को, मानो घर परिवार, कैसे ना हो फिर भला, कचरे का निस्तार। कोशिश हो तो छोड़िये, खैनी गुटखा पान, थूक–थूक कर...

यही है अच्छे दिन की चाशनी, जनता को फिर ठगने का मौका, भूलकर इस सत्य को कि चुनाव है भाई

सुना है एक बार फिर, चुनाव का मौसम लहलहा रहा है। चाय की दौर चल रही है। पैसे से लोग खरीदे जा रहे हैं।...

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