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फ़रवरी, 12, 2026

दादा कहिन ( Deshaj Times Cartoon )

DESHAJ DT राजनीति का रंग भी बड़ा अजीब होता है वही दुश्मन बनता है जो सबसे करीब होता है

चुनावी माहौल गर्म है, बयानबाजियों का दौर भी तेज हो चला है, नेता रैली जोर पकड़ चुकी है और जनता की अदालत में नेताओं...

सियासत की अलग जबां है लिखा हो इकरार,इनकार पढ़ना,नए किरदार आ रहे,नाटक पुराना चल रहा है

चुनावी माहौल गर्म है, बयानबाजियों का दौर भी तेज हो चला है, नेता रैली जोर पकड़ चुकी है और जनता की अदालत में नेताओं...

DESHAJजल की होगी मारामारी, हनन करेंगे शक्तिशाली,जल पर कब्जा होगा बाहुबली मक्कारों का

देशज टाइम्स। नाती-पोते खड़े रहेंगे जल, राशन की कतारों में, पानी पर से बिछेंगी लाशें, लाखों और हजारों में।  नेता ने कहा कि जब...

देश की जैसी बहे बयार,चमचे ही खाते घी की खिचड़ी यार, चमचों के इस देश में चमची भी खुशहाल

आजकल चमचों का बहुत बोलबाला चल रहा है बाज़ार में, सामान्यतः हर तरफ चमचे ही चमचे दिख रहें हैं| वैसे एक बात कहूँ तो...
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1 नेता जैसा आदमी गरीब के पैर पड़ा था, पता चला चुनाव में खड़ा था, कुछ दूर,गरीबों का मोहल्ला था

राणा दत्ता, देशज ग्रुप ऑफ प्रिंट। जिंदा रहे चाहे जान जाएं। वोट उसी को दो जो काम आएं।बदल जाओ वक्त के साथ या फिर...

आ गया वक्त वोट मांगने का, नारा बुलंद करने का, चिकनी चुपड़ी बातें करके, जनता को लुभाने का

दरभंगा, देशज टाइम्स।मारे गए तो शहीद कहलाएंगे, जीत गए तो शूर-वीर कहलाएंगे, भाग गए तो कायर कहलाएंगे ! हमें डटे रहना है। जिंदा रहे...

नाती-पोते खड़े रहेंगे जल के लिए राशन की कतारों में, पानी पर से बिछेंगी लाशें, लाखों और हजारों में

एहसास तो तब होता है, जब घर में एक बूंद पानी नहीं होता, जोर जोर से है बच्चा रोता, बिन पानी ही, है वो...

जमीन गई चकबंदी में, मकान गया हदबंदी में, द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में…

दरभंगा, देशज टाइम्स। आगामी चुनाव के मद्देनजर देश का चुनावी माहौल गरमा रहा है।रैलियां, नारे और लोक लुभावन चुनावी वादों की झड़ी के बीच...
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बदल जाओ वक्त के साथ, फिर वक्त बदलना सीखो, मजबूरियों को मत कोसो हर हाल में चलना सीखो

सुना है एक बार फिर, चुनाव का मौसम लहलहा रहा है, निकल पड़े हैं सब दल बल सहित अपने अपने हथियारों के साथ शब्दबाणों...

हम पत्रकारों को दरबारी नहीं बनना,सरकारी नहीं बनना..मगर शराब में टुन्न रहना..गाड़ी से दारू ढ़ोना

दरभंगा, देशज टाइम्स। कलमकार हूँ ,मैं सच ही लिखता हूँ, तुम मेरी बातों का बुरा मानना छोड़ दो। सच लिखने से पहले इजाज़त लूंगा...

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