
चंदन पांडेय दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का वर्षों से इंतजार कर रहे मृत कर्मियों के आश्रितों का प्रदर्शन शुक्रवार को 23वें दिन भी जारी है। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने सीनेट के समक्ष मार्च निकाला। वे अनुकंपा पाल्यों की तुरंत नियुक्ति हो के नारे लगा रहे थे। मौके पर आयोजित सभा अध्यक्षता अनुकंपा पाल्य मुकेश कुमार ने करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पाल्यों की नियुक्ति करने के लिए पांच वर्षों से कोई पहल नहीं की और हम पाल्यों को प्रदर्शन करने के लिए विवश कर दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन उदासीनता व हठधर्मिता पर अड़े हैं। धरनार्थियों की ओर से सकारात्मक पहल नहीं करने के विश्वविद्यालय कुलसचिव के आरोप को हास्यास्पद क़रार देते वक्ताओं ने संगठित, सतत व अनुशासित तरीके से लक्ष्य मिलने तक आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। वहीं, विश्वविद्यालय के दोषपूर्ण कार्यप्रणाली का संज्ञान अधिषद के सदस्य लें, इसके लिए सीनेट के समक्ष शांतिपूर्ण मार्च निकाला। वहीं, सीनेट के सदस्य अविलंब न्याय दिलाएं इसका पाल्यों ने अनुरोध किया। वहीं, बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र के वृहद परिषद के सभी सदस्यों ने अनुकंपा पाल्यों के समर्थन में सीनेट के समक्ष धरना दिया।
इस बीच धरनार्थियों व विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करने का अनुरोध किया है ताकि इस ठंड में धरना पर बैठे पाल्यों की समस्याएं दूर हो सके। उन्होंने यह भी कहा है कि ये पिछले पांच वर्षों से सड़क पर हैं और पीड़ितों का परिवार पूरी तरह बिखड़ गया है। राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने कहा कि विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में कर्मियों का घोर अभाव है और सभी जगह काम प्रभावित हो रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशाशन बड़े पैमाने पर नियुक्ति किए जाने की प्रक्रिया में लगा है जबकि अनुकंपा पाल्य नियुक्ति के लिए सभी मापदंडों को पूरा करने के बावजूद सड़क पर
हैं। यह विश्वविद्यालय प्रशासन के दोषपूर्ण कार्यप्रणाली को अंकित करता है। मौके पर यमुना राम, राम धनुष पासवान, अंकित कुमार कामती, चेतकर झा, राकेश कुमार, शुभंकर कामत, गौरव विकास, रणधीर मंडल, अजीत कुमार, जितेंद्र झा, शक्तिनाथ झा, राघव कुमार दीपक, रामकुमार यादव, लालबाबू दास, अनिल पासवान, सुजीत सिंह, मुकेश कुमार, राजीव झा, अमित मिश्रा, संजीव कुमार, प्रीतम कुमार, मनीष भगत समेत सभी अनुकंपा साथी व उनके परिवारजन मौजूद थे।
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