

दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। रेलवे की ओर से मिथिला की उपेक्षा के विरोध में मिथिला विकास संघ के बैनर तले आठ सूत्री मांगों को लेकर दरभंगा रेलवे स्टेशन पर धरना देते हुए समर्थकों ने हक की आवाज बुलंद की। इसका नेतृत्व संघ के महासचिव सुजीत कुमार आचार्य ने किया। मौके पर आयोजित सभा में महासचिव श्री आचार्य ने कहा कि संघ की ओर से उनकी प्रमुख मांगो में दोनार सहित दरभंगा शहर के सभी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कराना है। कहा कि , दरभंगा-समस्तीपुर रेल लाइन दोहरीकरण के कार्य में तेजी नहीं आई है। सकरी निर्मली रेल लाइन के अमान परिवर्तन को यथा शीध्र पूरा करने की जरूरत है मगर ध्यान नहीं दिया जा रहा। दरभंगा-बिरौल ट्रेन को हरिनगर तक चलाकर यहां की जनता के लिए इसे उपयोगी बनाने की जरूरत है जो नहीं हो रहा। उसका फेरा बढ़ाने को लेकर कई बार मांग उठी लेकिन कार्रवाई नदारद है। साइकिल, मोटरसाइकिल व शौचालय के प्रयोग में जमकर वसूली हो रही है और रेलवे का इस जनउपयोगी कार्यों की ओर कतई ध्यान नहीं है।

तत्काल रेलवे प्रशासन अतिरिक्त वसूली पर रोक लगाए। दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन का दोहरीकरण जल्द हो जिससे संपूर्ण मिथिला समेत दरभंगा के लोगों की परेशानी कम हो। धरना स्थल पर ही आयोजित उदय शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में वक्ताओं ने कहा कि शहर के दोनार व चट्टी गुमटी पर रेल ओवरब्रिज नहीं होने के कारण पूर्वी भाग के लोगो को भीषण जाम की समस्याओं से जूझना पड़ता है। साथ ही मिथिला में चल रहे रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं को कछुआ चाल की गति से चलाया जा रहा है। वक्ताओ ने मांग की कि दरभंगा स्टेशन पर भी स्टेशन का नाम प्रमुखता से मिथिलाक्षर में लिखा जाए। वक्ताओं में मुकेश प्रसाद निराला, रत्नेश्वर झा ,बरुन कुमार झा, राम बाबू चौपाल, प्रेम कुमार बौआ, चंद्रेश, राम नाथ पंजियार,आर के दत्ता, रानी देवी, पीके झा टेकटरिया, भारतेंद्र सिंह, कमलेश उपाध्याय, शरद कुमार सिंह , मृत्युंजय मृणाल, जय भारद्वाज, ज्योति सिंह, कौशल झा, ज्ञानेश्वर राय, कन्हैया मंडल, दीपक झा, चंद्रशेखर झा, संतोष कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य प्रमुख थे।



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