
जाले, देशज टाइम्स ब्यूरो। आशा संयुक्त संघर्ष मंच के आवाहन पर आशा कार्यकर्ता संघ के नेतृत्व में शुक्रवार को जुलूस निकालते नारेबाजी करती आशा ने घोघराहा-अतरबेल पथ को जाले- शंकर चौक ठप कर दिया। सभी आशा सड़क पर ही धरना पर बैठ गईं जिससे यातायात पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इससे पूर्व आशा स्थानीय रेफरल अस्पताल में जुटीं। वहां से जुलूस लेकर नारेबाजी करती हुईं बारह सूत्री मांगों के समर्थन में नारेबाजी करती हुई बीच शंकरचौक पर बैनर टांग कर सभी आशा कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करती हुई बीच चौक पर जमीन पर बैठ गई। इस कार्यक्रम की अगुवाई प्रखंड अध्यक्ष ममता देवी कर रहीं थीं। मौके पर आशा रेखा देवी, किरण देवी, सुनीता लता, मालती देवी, गीता कुमारी, विभा कुमारी, राम कुमारी देवी, किरण कुमारी, सुधा देवी, ममता देवी, रिंकू देवी सहित एक सौ से अधिक आशा मौजूद थीं। आशा कार्यकर्ता संघ के संरक्षक उमेश शाह ने धरनार्थियों को संबोधित करते कहा कि बीते एक दिसंबर से पूरे बिहार की आशा हड़ताल पर हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है। नीतीश मोदी की सरकार नारी सशक्तीकरण की बातें करने वाले कुम्भकर्णी नींद में सोई हुई है। आशा को अठारह हजार मासिक मानदेय नहीं दिया गया। सरकारी सेवक घोषित नहीं किया गया तो बिहार की आशा इस सरकार को आगामी चुनाव में सबक सिखायगी। राज्य सरकार महिला विरोधी, कामगार विरोधी, मजदूर विरोधी, सरकार को एक दिन भी सरकार में रहने का हक़ नही है। मौके पर पहुंचे स्थनीय थानाध्यक्ष उमेश कुमार ने सभी आशा को समझाकर सड़क जाम आंदोलन खत्म कराया। आशा ने मांगों से संबंधित स्मार पर उन्हें ही सौंपी।
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