
आकिल हुसैन मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला शाखा के आहवान पर अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ नई दिल्ली व पटना के विभिन्न ट्रेड यूनियनों की ओर से वैश्वीकरण नव उदारवादी वित्रीय प्रवाह के कारण निजीकरण उदारीकरण व वैश्वीकरण नारे पर सरकार का संचालन करने के कारण सभी विभाग में रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने के बजाए ठेका संविदा आउडसोसिंग स्कीम वर्कस के रूप में मजदूरों की एक फौज खड़ुी कर दी गई है। नए नियमित कर्मियों को पुरानी होने के बजाए नया पेंशन लागू कर दिया गया है, जिसके कारण उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है।
अराजपत्रित कर्मचारी संविदा आउटसोसिंग स्कीम वर्कस तमाम तरह के नियोजित को नियमित सेवक बनाने, सभी को पुराना पेंशन देने सहित बारह सूत्री मांगो की पूर्ति के लिए आठ व नौ जनवरी को आम हडताल का नोटिस देते हुए विशाल प्रदर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व डीएम के माध्यम से सर्मपित किया। साथ ही पश्चिम बंगाल के कर्मचारी नेताओं को अपने आंदोलन के दौरान किए गए गिरफ्तारी पर यह प्रदेश घोर विरोध करती है। प्रदर्शन के माध्यम से राज्य में चल रहे आशा, सेविका, सहायिका, कोरियर व लोक स्वास्थ्य विभाग के उन तमाम आंदोलनकारियों, तमाम कर्मचारी के प्रतिनिधियों से शिष्टमंडलीय वार्ता कर हड़ताल व आंदोलन समाप्त करेंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व महासंघ के जिला अध्यक्ष आनंद मोहन चौधरी व जिला मंत्री गणपति झा ने किया। वहीं, वक्ताओं में रमण सिंह, विनोद कुमार झा, प्रीत नारायण दास, दीपक कुमार झा, सोनी देवी, राजेंद्र यादव, रामेश्वर झा, शुभ नारायण झा, सुनील पासवान, नारायण झा, दुःखी राम,गणेश कामत, शारदा नंद झा समेत अन्य मौजूद थे।
You must be logged in to post a comment.