



रांची में धुर्वा थाना क्षेत्र के रहने वाले नवीन कुमार वर्मा से 1.33 करोड़ की ठगी करते हुए पूरा रूपया लेबनान स्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह की ओर से संचालित खाते में भेजने का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले की जांच सीआईडी की साइबर सेल कर रही है।
हिजबुल्लाह, इरान समर्थित लेबनान का आतंकी संगठन है। हिजबुल्लाह को साल 2019 में ब्रिटेन की सरकार ने आतंकी संगठन घोषित किया था। हाल के समय में अमेरिका और ब्रिटेन ने हिजबुल्लाह की फंडिंग रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि नवीन कुमार वर्मा से क्रिप्टो करेंसी बाजार में राशि बढ़ाने के नाम पर 1.33 करोड़ की ठगी कर ली गई है। साइबर अपराधियों की ओर से ठगी किए गए रुपये को लेबनान स्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह की संचालित खाते में भेजी गई है। पुलिस ने इस मामले की जांच सीआईडी की साइबर सेल को सौंप दी है। इसकी पुष्टि साइबर थाना डीएसपी नेहा बाला ने बुधवार की है।
जानकारी के अनुसार,क्रिप्टो करेंसी बाजार के निवेशक नवीन कुमार वर्मा से जमा राशि बढ़ाने के नाम पर उनसे 1.33 करोड़ की ठगी कर ली गई है। इस संबंध में नवीन ने सीआईडी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी है।
नवीन ने साइबर क्राइम ब्रांच को बताया कि ट्रेडिंग के दौरान जब उनका फंड एक लाख 47 हजार 68 (यूएस डॉलर) था. उस समय कंपनी के चीफ एनालिस्ट मि. मार्क की ओर से उन्हें यह प्रस्ताव दिया गया कि वह पांच प्रतिशत कमीशन पर तीन दिन का कॉन्ट्रैक्ट उनके साथ करते हैं तो वह उनकी जमा राशि को काफी अधिक बढ़ा देंगे।
इसके बाद नवीन ने मार्क के साथ तीन दिन का कॉन्ट्रैक्ट किया। इसके बाद जमा राशि बढ़कर एक लाख 95 हजार 28 यूएस डॉलर हो गयी। इस संबंध में नवीन ने सीआईडी के साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है।
पुलिस में दी गई शिकायत के मुताबिक ट्रेडिंग के दौरान जब उनका फंड एक लाख 47 हजार 68 (यूएस डॉलर) था। उस समय कंपनी के चीफ एनालिस्ट मिस्टर मार्क की ओर से उन्हें यह प्रस्ताव दिया गया कि वह पांच प्रतिशत कमीशन पर तीन दिन का कॉन्ट्रेक्ट उनके साथ करते हैं, तो वह उनकी जमा राशि को काफी अधिक बढ़ा देंगे। इसके बाद नवीन ने मार्क के साथ तीन दिन का कॉन्ट्रेक्ट किया। साथ ही जमा राशि बढ़कर एक लाख 95 हजार 28 यूएस डॉलर हो गयी।
नवीन ने मार्क को उसका कमीशन भी दिया लेकिन जब वह 52 हजार यूएस डॉलर की निकासी करने गया तब इस राशि की निकासी नहीं हो पाई। तब उन्हें समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है।
इसके बाद वह सीधे साइबर थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराया। मामला सामने आने के बाद साइबर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नवीन ट्रेड पीसीपी क्ववाइन नाम की बेवसाइट के जरिए ट्रेडिंग शुरू की थी। इसमें पहले उसने यूपीआई के जरिए खाते में पैसे ट्रांसफर किए।
इसके बाद यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) खरीदा। इस तरह उसने 1.33 करोड़ रुपये के 1.42391 लाख क्रिप्टो करेंसी की खरीदारी की। इसके बाद उसे ए-16-जेड कंपनी के एनालिस्ट ने व्हाट्सएप ग्रुप पर बिटकॉइन के भाव घटाने या बढ़ाने को लेकर ऑफर दिया। उसने बताया कि कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेशकों को राशि बढ़ाने के माध्यम से सुझाव देती थी। साथ ही कंपनी ने निवेशकों को वित्तीय हानि पर 50 प्रतिशत नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन भी देती थी।
नवीन के अनुसार, उसने ट्रेड पीसीपी कॉइन नाम की वेबसाइड के जरिए ट्रेडिंग शुरू की थी. इसमें पहले उसने यूपीआई के जरिए खाते में पैसे ट्रांसफर किए। इसके बाद यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) खरीदा।
इस तरह उसने 1.33 करोड़ रुपए के 1.42391 लाख क्रिप्टो करेंसी की खरीदारी की, इसके बाद उसे ए16जेड कंपनी के एनालिस्ट ने व्हाट्सएप ग्रुप पर बिटकॉइन के भाव घटाने या बढ़ाने को लेकर ऑफर दिया। उसने बताया कि कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेशकों को राशि बढ़ाने के माध्यम से सुझाव देती थी. वहीं कंपनी ने निवेशकों को वित्तीय हानि पर 50 प्रतिशत नुकसान की भरपायी करने का आश्वासन भी देती थी।




